चार चरणों में लगाया गया लॉकडाउन पूरी तरह से फेल: राहुल गांधी
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर निशाना साधा और लॉकडाउन फेल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का अकेला ऐसा देश है जहां कोरोना वायरस तेजी से बढ़ने के बावजूद लॉकडाउन हटाया जा रहा है। लॉकडाउन का मकसद फेल हो चुका है, देश इसके नतीजे भुगत रहा है।
राहुल ने कहा कि देश में चार चरणों में लगाया गया लॉकडाउन विफल रहा है। राहुल ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि आगे कोरोना संकट से निपटने और जरूरतमंदों को मदद देने की उनकी रणनीति क्या है?
राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले फ्रंट फुट पर खेल रहे थे, लेकिन लॉकडाउन फेल हुआ तो बैकफुट पर चले गए। उन्हें फिर से फ्रंट फुट पर आना चाहिए। प्रधानमंत्री और उनके प्रमुख सलाहकारों ने कहा था कि मई के आखिर तक कोरोनावायरस का असर घटने लगेगा, लेकिन ऐसा तो नहीं हो रहा। अब सरकार बताए कि आगे क्या प्लान है? लॉकडाउन खोलने की स्ट्रैटजी में प्रवासियों और राज्यों की मदद के क्या इंतजाम हैं?
राहुल का कहना है कि सरकार ने आर्थिक पैकेज में जो दिया, उससे कुछ नहीं होने वाला। लोगों के हाथों में पैसा पहुंचना चाहिए। आम लोगों और इंडस्ट्री को आर्थिक मदद नहीं मिली तो नतीजे खतरनाक होंगे। केंद्र को राज्यों की भी मदद करनी चाहिए। इसके बिना कांग्रेस शासित प्रदेशों को दिक्कतें आएंगी।
महाराष्ट्र में हमारे पास फैसला लेने की क्षमता नहीं
महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम महाराष्ट्र में सरकार को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन हमारे पास फैसला लेने की पूरी ताकत नहीं है। साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि जितनी ज्यादा कनेक्टेड (जुड़ी हुईं) जगहें हैं, वहां कोरोना संक्रमण ज्यादा है। इसी वजह से मुंबई-दिल्ली में अधिक मामले सामने आए हैं।
हम महाराष्ट्र में सरकार को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन हमारे पास फैसला लेने की क्षमता नहीं है। हम पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान और पुडुचेरी में फैसला लेने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से महाराष्ट्र को मदद मिलनी चाहिए। हम केंद्र सरकार को केवल सुझाव दे सकते हैं लेकिन सरकार को क्या मानना है, वो उनके ऊपर निर्भर करता है।
