आम आदमी को झटका; अमूल व मदर डेयरी ने दूध की कीमत 2 प्रति लीटर बढ़ाई
नई दिल्ली। डेयरी और एफएमसीजी क्षेत्र से उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। देश की प्रमुख डेयरी को-ऑपरेटिव अमूल और मदर डेयरी ने अपनी दूध की कीमतों में इजाफा करने का फैसला किया है, जिसका सीधा असर आम आदमी के मासिक बजट पर पड़ेगा।
अमूल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पूरे भारत में दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। यह एक राष्ट्रीय स्तर की मूल्य वृद्धि है, जो देश के सभी बाजारों में समान रूप से लागू की जा रही है। कीमत में बदलाव के बाद अमूल का फुल क्रीम दुध अब 72 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिलेगा। मदर डेयरी ने भी 14 मई से दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। कंपनी के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। पंजाब के दूध ब्रांड वेरका ने भी कीमतों में बढ़ोतरी का एलान कर दिया है।
गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) ने बुधवार को यह घोषणा की। इस मूल्य वृद्धि से खाद्य महंगाई पर असर पड़ने की संभावना है। मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के बजट पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। पिछली बार दूध के दाम 1 मई 2025 को बढ़ाए गए थे। जीसीएमएमएफ ने बताया कि यह वृद्धि लगभग 2.5 से 3.5 फीसदी प्रति लीटर है। यह औसत खाद्य महंगाई दर से कम है। पशु आहार, दूध पैकेजिंग फिल्म और ईंधन की लागत में काफी वृद्धि हुई है। इसी कारण यह मूल्य वृद्धि की गई है। जीसीएमएमएफ दुनिया की सबसे बड़ी किसान-स्वामित्व वाली डेयरी सहकारी है। यह 36 लाख किसानों के साथ 50 से अधिक देशों में अमूल उत्पाद बेचती है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लिए नई दरें जारी की गई हैं। 500 मिलीलीटर के पैक में स्लिम एन अब 27 रुपये का मिलेगा। ताजा दूध 30 रुपये, गाय का दूध 31 रुपये और गोल्ड दूध 36 रुपये में उपलब्ध होगा। भैंस के दूध की कीमत में 4 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। अब यह 80 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। अमूल अपनी नीति के तहत उपभोक्ताओं द्वारा दिए गए हर रुपये का लगभग 80 पैसे दूध उत्पादकों को देता है। मूल्य संशोधन से दूध उत्पादकों को लाभकारी मूल्य बनाए रखने में मदद मिलेगी।
जीसीएमएमएफ ने बताया कि दूध के संचालन और उत्पादन की कुल लागत बढ़ गई है। पशु आहार की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। दूध पैकेजिंग फिल्म और ईंधन की लागत भी बढ़ी है। सहकारी संघों ने किसानों से दूध खरीद मूल्य में भी वृद्धि की है। किसानों को प्रति किलोग्राम वसा पर 30 रुपये अधिक दिए जा रहे हैं। यह मई 2025 की तुलना में 3.7 फीसदी की वृद्धि है। यह वृद्धि किसानों को अधिक दूध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करेगी।
