सफला एकादशी का व्रत पौष माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता है और यह व्रत समस्त कार्यों में सफल होने का फल देता है इसलिए इसे सफला एकादशी व्रत कहा जाता है। इस व्रत के पुण्य से मनुष्
शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है। यदि शनिदेव कुपित हैं या जिन पर साढ़े साती या ढैय्या चल रही हो, उन्हें शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा के साथ हनुमान जी की पूजा भी जरूर करनी चाहिए। साथ ह
इस वर्ष 8 दिसंबर 2019, मंगलवार को मोक्षदा एकादशी मनाई जा रही है। मार्गशीर्ष माह में शुक्ल पक्ष को आने वाली एकादशी मनुष्य को जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त कराती है। इस व्रत को धारण करने वाल
आज मंगलवार हैं जो कि हिन्दू धर्म में महाबली हनुमान को समर्पित माना जाता हैं। इस दिन सभी भक्तगण हनुमान जी की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद पाने की चाह रखते हैं। हनुमान जी की कृपा जो भ
हमारे पुराणों के अनुसार महर्षि वेदव्यास ने कुल 18 पुराणों की रचना की थी। इन्हीं पुराणों में से एक है गरुड़ पुराण, जिसका पाठ मृत्यु के पश्चात किया जाता है। मनुष्य का जन्म-मरण एक सांसार
हिंदू पंचांग के अनुसार आज शिव चतुर्दशी है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है भक्त आज भगवान भोले शंकर की पूजा अर्चना करेंगे। पूरे दिन भक्त उपवास पर रहेंगे और विधान पूर्वक पूजा अर्चना करेंग
भैरवाष्टमी इस साल 19 नवंबर 2019 (मंगलवार) को मनाई जाएगी। मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी काल भैरवाष्टमी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन भगवान महादेव ने काल भैरव के रूप में अवतार लि
इस साल 19 नवंबर को कालभैरव अष्टमी है। मान्यता है कि इस तिथि पर भगवान शिव ने भैरव अवतार लिया था। हिन्दी पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी को काल भैरवाष्टमी कहा ज
हिन्दू धर्म में तुलसी विवाह को बहुत अधिक महत्व दिया जाता है। देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह होता है। तुलसी विवाह का वही महत्व होता है जो कन्यादान से होता है। इसलिए जिनके घर में कन
हिंदू धर्म में देवउठनी एकादशी का बहुत बड़ा महत्व माना गया है। यह एकादशी हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पड़ती है। इस बार यह दिन आज, यानी 8 नवंबर को पड़ रहा है। इस दिन भगवान