शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान- हिंदू शरणार्थियों को CAA से नागरिकता का भरोसा
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए अवैध रूप से राज्य में प्रवेश करने वालों को वापस भेजने की चेतावनी दी है। सीमावर्ती जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देने, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत करने और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी कई अहम घोषणाएं कीं।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, जिस रास्ते से बांग्लादेश से आए हो, उसी रास्ते से वापस भेजूंगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि घुसपैठ के मुद्दे पर सरकार सख्ती से कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर देते हुए चेतावनी दी कि किसी ने भी उत्सव में बाधा डालने की कोशिश की तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पर भी जोर दिया। साथ ही, अलगाववादी नारों और कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया।
मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कानूनी कदम उठाएगी कि किसी भी हिंदू शरणार्थी को अनावश्यक रूप से जेल में न रहना पड़े।
उन्होंने अब तक नागरिकता के लिए आवेदन नहीं करने वाले पात्र लोगों से जल्द आवेदन करने की अपील की। अधिकारी के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर शरणार्थियों की रिहाई और नागरिकता संबंधी मामलों में कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में अस्पतालों की स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने रायगंज में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना के लिए केंद्र सरकार को जल्द प्रस्ताव भेजने और जलपाईगुड़ी में कैंसर अस्पताल बनाने की योजना का उल्लेख किया।
पुलिस व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने और त्योहारों के दौरान शांति बनाए रखने को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया।
