गाजियाबाद के हज हाउस को योगी सरकार ने बनाया अस्पताल, रखे जाएंगे कोरोना के मरीज
गाजियाबाद। चीन से पैदा हुए कोरोना वायरस का संक्रमण तमाम देशो से होते हुए अब भारत पहुंच चुका है। देश में अब तक कोरोना वायरस के 31 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार इसे लेकर पुख्ता तैयारी में जुटी है। इस समस्या से निपटने के लिए यूपी सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने गाजियाबाद स्थित आला हजरत हज हाउस में 500 बेड का आइसोलेशन सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। इस सेंटर में कोरोना के संदिग्ध मरीजों को रखा जाएगा।
गुरूवार को प्रशासन और अल्पसंख्यक बोर्ड के अधिकारियों ने आइसोलेशन सेंटर बनाने के लिए हज हाउस का निरीक्षण किया। यहां दो से तीन दिन के अंदर सभी जरूरी चिकित्सकीय संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए इस हज हाउस में हज यात्रियों के ठहरने के लिए कई बड़े कमरे बनाए गए हैं, जिसमें लोगों के रहने के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं हैं।
हज हाउस के इन कमरों में आइसोलेशन सेंटर बनाया जाएगा। जिसमें कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों को रखा जाएगा, जिससे वह अन्य लोगों से दूर रहें और यह वायरस किसी को संक्रमित न करें। यहां जिला अस्पताल के डॉक्टर तैनात रहेंगे।
वहीं इस मामले पर जानकारी देते हुए गाजियाबाद के एडीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि यह कदम राज्य सरकार के आदेश के बाद उठाया गया है। जिन लोगों के सैंपल लिए गए हैं उन्हें 14 से 28 दिन की विशेष निगरानी के लिए यहां रखा जाएगा। यदि मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलती है तो उनहें इलाज के लिए दिल्ली शिफ्ट किया जाएगा।
बता दें कि करोड़ों की लागत से बना यह हज हाउस अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। लगभग 54 करोड़ रुपये की लागत से बने इस हज हाउस में मुस्लिम समाज के लोग जब सऊदी अरब हज करने जाते हैं तो यहीं एकत्र होते हैं। यहां से सब वीजा लेकर आगे के लिए रवाना होते हैं। 2018 में योगी सरकार ने इसे सील कर दिया था, इसके बाद यहां पानी की आपूर्ति के लिए मोटर और टोटियां चोरी हो गईं थी। अब जल्द की आपूर्ति करके अस्पताल बनाने की तैयारी है।
