कोरोना से जंग: इंदौर तीन दिनों तक पूरी तरह लॉकडाउन, नहीं खुलेंगी किराना, सब्जी और दूध की दुकानें
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुट गया है। कोरोना के लगातार बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने कुछ सख्त फैसले लिए हैं। 30 मार्च से आगामी 1 अप्रैल तक (तीन दिनों तक) इंदौर को पूरी तरह लॉकडाउन किया जा रहा है। इसमें शहर पूरी तरह बंद रहेगा।
सड़कों पर न तो दोपहिया वाहन चलेंगे और न ही चारपहिया वाहन। यही नहीं, किराना, सब्जी और दूध की दुकानें तक नहीं खुलेंगी। और न ही घर पहुंच सेवा (होम डिलेवरी) मिलेगी। पेट्रोल पंप भी सात जगह खुलेंगे और वह भी केवल अनिवार्य सेवा वाले वाहनों को ही पेट्रोल-डीजल देंगे। यह फैसला रविवार शाम कमिश्नर आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
शहर को कोरोना से बचाने के लिए संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें यह कठोर निर्णय लिए गए। प्रशासन ने फैसला लिया है कि शहर की सड़कों पर किसी तरह के वाहन को चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
बैठक में यह भी फैसला लिया है कि जिन घरों में कोरोना के मरीज़ मिले हैं, उनके इर्द गिर्द रहने वालों को Quarintine सेंटर में रखा जाएगा। इसी के साथ शहर में मजदूर वर्ग बेसहारा और बिना छत के नहीं रहेगा। ऐसे लोगों के लिए राधा स्वामी डेरे में व्यवस्था की जा रही है।
शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि चोइथराम मंडी पूरी तरह बंद करवाई जाएगी। अगले तीन-चार दिन लॉक डाउन में कोई छूट नहीं। इसके बाद आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई डोर टू डोर करवाने की व्यवस्था की जाएगी ताकि लोग सड़कों पर नहीं निकलें और अपने घरों में ही रहें।
बैठक में इंदौर के आई.जी. विवेक शर्मा, जिलाधीश मनीष सिंह, डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्र भी मौजूद थे। बैठक में संभागायुक्त त्रिपाठी ने कहा कि टोटल लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले और कोरोना की सैमपोलिंग में बाधा डालने वालों और स्वास्थ्य विभाग की टीम से असहयोग करने वालों पर कड़ी क़ानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मनीष सिंह ने कहा कि एक स्थान का चयन करके उसे खुली जेल घोषित किया जाएगा और टोटल लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को इस जेल में रखा जाएगा। बैठक में मौजूद आयुक्त नगर निगम आशीष सिंह ने बताया कि नगर निगम राजस्व और पुलिस ने संयुक्त टीम बना ली है।
बैठक में लिए गए सख्त फैसले
यह नहीं मिलेगा –
किराना, खाद्य वस्तुएं, सामानों की होम डिलेवरी भी नहीं होगी।
दूध –
दो दिन तक बंद रहेगा, तीसरे दिन एक अप्रैल को दूध वितरण खोलेंगे।
सब्जियां –
सभी मंडी बंद, तीन दिन बाद आलू-प्याज की बिक्री ही सीमित समय के लिए खुलेगी।
दवा दुकान –
लेकिन वह भी सीमित संख्या में। अस्पताल और इनसे लगी दवा दुकानें भी खुली रहेंगी।
पेट्रोल पंप –
चुनिंदा पंप ही खुले रहेंगे और यह भी केवल सरकारी वाहनों और अनिवार्य सेवा में लगे वाहनों को ईंधन देंगे।
वाहनों की स्थिति-
सरकारी और अनिवार्य सेवा वाले वाहन छोड़कर तीन दिन तक कोई भी वाहन नहीं निकलेगा। किसी को दवा लेने भी जाना है तो पैदल ही जाना होगा।
