Oct 29 2026 / 4:39 AM

दिल्ली: निजामुद्दीन में 200 से ज्यादा लोगों को किया गया क्वारंटाइन, धार्मिक कार्यक्रम में हुए थे शामिल

नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन जरूरी कदम उठा रहा है। निजामुद्दीन इलाके से पुलिस ने सैंकड़ों कोरोना संदिग्धों को पकड़ा है। ये सभी विदेशी हैं और सभी की उम्र साठ साल से ज्यादा बतायी दा रही है। ये लोग तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इन सबको पुलिस ने तत्काल क्वारंटाइन कर इलाज के लिए दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। इलाके में जमीनी निगरानी के साथ-साथ ड्रोन से भी सर्विलांस किया जा रहा है। देश में कंप्लीट लॉक डाउन के बावजूद तबलीगी जमात ने चोरी-छुपे एक कार्यक्रम किया था। जिसमें 200 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे।

साउथ ईस्ट दिल्ली के डीसीपी आरपी मीणा ने मीडिया ने बताया कि, पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान तबलीगी जमात को धार्मिक सभा आयोजित करने के लिए नोटिस भी जारी कर दिया है। अभी मामले की जांच चल रही रहे है यदि आवश्यक हुआ तो एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई भी की जायेगी। ध्यान रहे तबलीगी जमात ने अनुमति के बिना ही यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें 200 से ज्याद लोग शामिल हुए थे। ये सभी बांग्लादेश, श्रीलंका आदि देशों के बताए जा रहे हैं।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जब हमें पता चला कि इस तरह का आयोजन किया गया था, तो हमने उन्हें कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के तहत निषेधाज्ञा और लगायी गई पाबंदियों का उल्लंघन करने के लिए नोटिस दिया।

अधिकारी ने कहा, कई लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया है और उनकी जांच की जा रही है। इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली सरकार ने धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ 31 मार्च तक 50 से अधिक लोगों के विरोध प्रदर्शनों के लिए एकत्र होने पर भी रोक लगा दी थी। साथ ही कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए बुधवार से 21 दिन के लिए लोगों के आवागमन पर देशव्यापी रोक लगायी गई थी।

निजामुद्दीन इलाके में स्थित तबलीगी मरकज में पहुंचे दो बुजुर्गों की चार दिन के अंदर संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये इन्हें कोरोना था या नहीं। यहां पहुंचे 200 लोगों को हल्की खांसी-जुकाम की शिकायत के बाद दिल्ली के अलग-अलग अस्तपालों में दाखिल कराया गया है। तबलीगी मरकज पहुंचे जिन दोनों बुजुर्गों की मौत हुई है, उनमें एक तमिलनाडु और दूसरा कश्मीर घाटी का रहने वाला था। एक की मौत की वजह हार्ट अटैक, जबकि दूसरे की मौत की वजह कोरोना का सदमा बताया जाता है।

अस्पतालों में दाखिल 200 लोगों में से छह के कोरोना पॉजिटिव की कथित रिपोर्ट है। हालांकि तबलीगी मरकज के प्रवक्ता ने इस खबर की फिलहाल पुष्टि नहीं की है। जो 200 लोग अस्पतालों में दाखिल किए गए हैं, वे भी सब के सब 60 से ऊपर की ही उम्र वाले हैं।

तबलीगी मरकज के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद शुएब अली ने सोमवार को बताया, अभी तक मरकज में पहुंचे लोगों में से किसी को कोरोना पॉजिटिव मिलने की खबर हमारे पास नहीं है। लेकिन उन्होंने माना कि मरकर में आए दो बुजुर्गों की मौत हुई है। इनमें एक बुजुर्ग जिनका नाम गसगीर (63) था, मरकज में ठहरे हुए थे। उन्हें शनिवार को तबीयत खराब होने पर दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। गसगीर तमिलनाडु के रहने वाले थे।

अधिकारी ने कहा, कई लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया है और उनकी जांच की जा रही है। इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली सरकार ने धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ 31 मार्च तक 50 से अधिक लोगों के विरोध प्रदर्शनों के लिए एकत्र होने पर भी रोक लगा दी थी। साथ ही कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए बुधवार से 21 दिन के लिए लोगों के आवागमन पर देशव्यापी रोक लगायी गई थी।

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