सीएम केजरीवाल का ऐलान- कोरोना से डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ की मौत पर सरकार देगी 1 करोड़
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया है। सीएम केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में कोरोना वायरस का इलाज करते हुए अगर कोई डॉक्टर, नर्स या मेडिकल स्टाफ शहीद होता है तो उनके परिजनों को दिल्ली सरकार 1-1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि देगी। चाहे वे मेडिकल स्टाफ रेगुलर हों, कॉन्ट्रैक्ट पर हों, सरकारी हो या प्राइवेट सेक्टर के हों।
उन्होंने बताया कि कुछ मरीज बहुत ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। कल राजीव गांधी अस्पताल में एक मरीज ने कूदकर आत्महत्या की कोशिश की लेकिन डॉक्टरों ने बचाया। डॉक्टरों, नर्सों, मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए जरूरी मेडिकल आइटम्स की व्यवस्था हो रही है। उनके लिए फाइव स्टार होटल से खाना मंगा रहे हैं। डॉक्टरों ने पीपीई और टेस्टिंग किट्स की कमी की बात कही है। मैं केंद्र सरकार से गुजारिश करता हूं कि इसकी पर्याप्त व्यवस्था करे।
सीएम केजरीवाल ने बताया कि सिंगापुर जैसे देशों में तकनीक के जरिए संदिग्धों की ट्रेसिंग की गई। इसके लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया। अब हम भी पुलिस की मदद लेकर मोबाइल फोन के जरिए उन लोगों को ट्रेस करेंगे, जिन्हें घर में आइसोलेशन/क्वारंटीन में रहने के लिए कहा गया था। केजरीवाल ने बताया कि मंगलवार को 11084 लोगों के मोबाइल नंबर दिल्ली पुलिस को दिए थे। आज 14,345 और फोन नंबर देंगे। पुलिस इन मोबाइल नंबरों से ट्रेस करेगी कि संबंधित लोगों ने क्वारंटीन के निर्देशों का पालन किया है नहीं।
सीएम केजरीवाल ने बताया कि निजामुद्दीन मरकज से जिन लोगों को निकाला गया था, उसमें से 536 को अस्पताल में भर्ती किया गया है और 1810 लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। कुल 2346 लोगों को मरकज से निकाला गया था। दिल्ली के 120 मामलों में से 49 लोग विदेशों से आए थे, वहीं से कोरोना लेकर आए थे। 24 लोग मरकज से निकले हैं। 29 ऐसे हैं जो कॉन्टैक्ट से आए हैं यानी जिनके परिवार के लोग विदेश से आए थे। अच्छी बात यह है कि उनसे आगे यह नहीं फैला है। कम्यूनिटी ट्रांसमिशन का मामला अभी नहीं है। 18 और लोगों की जांच की जा रही है। स्थिति नियंत्रण में नजर आ रही है।
