कोलकाता में बोले अमित शाह- हमें पांच साल दे बंगाल को सोनार बांग्ला बना देंगे
कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी पर अयोध्या में राम मंदिर का विरोध करने का आरोप लगाया। कोलकाता में ‘हम अन्याय नहीं सहेंगे’ अभियान की शुरुआत करते हुए रविवार को उन्होंने कहा, ममता दीदी ने कांग्रेस, सपा, बसपा, वामपंथियों के साथ मिलकर राम मंदिर का विरोध किया।
ममता ने अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध किया और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ अल्पसंख्यकों को भड़काया। शाह ने कहा, लोकसभा चुनाव के दौरान दीदी आपने ने हमें खूब रोकने की कोशिशें कीं। हैलिकॉप्टर नहीं उतरने दिया। रैलियां नहीं करने दी। भाजपा कार्यकर्ताओं पर गोलियां चलवाईं।
बंगाल में दंगे करवाए, ट्रेन जलवाई, बेगुनाहों की हत्या करवाई। हमारे 40 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को मरवा दिया। हम पर लाठियां चलवाईं, लेकिन हमने और हमारे कार्यकर्ताओं ने हार नहीं मानी। बंगाल की जनता ने हमें उतनी ही मजबूती से जीत दिलाई।
मगर ममता दी ये सब करके आप हमें रोक पाई हो क्या! जितना ज़ुर्म करना है कर लो बंगाल की जनता अब आपको जान चुकी है। उन्होंने कहा, लाखों शर्णार्थियों के लिए सीएए लाए। पीएम ने शरणार्थियों को नागरिकता का तोहफा दिया लेकिन अब लोगों को कागजों के लिए डराया जा रहा है।
उन्होंने कहा, सीएए किसी भी कीमत पर वापस नहीं होगा। कोई कितना भी विरोध कर ले नागरिकता देकर रहेंगे। शाह ने लोगों से अपील की- आपने तृणमूल और वामपंथियों को इतने साल दिए। आप हमें पांच साल दे दीजिए, हम पश्चिम बंगाल को सोनार बांग्ला बना देंगे।
अमित शाह ने कहा, भाजपा एक अभियान लेकर निकल रही है। ‘हम अन्याय नहीं सहेंगे’। ये बंगाल के अंदर तानाशाही ताकतों को परास्त करने की लड़ाई है। लोगों को दबाने की विचारधारा,अत्याचार की, भ्रष्टाचार करने की, विचारधारा अपने राजकुमार को वारिस बनाने की ये विचारधारा अब बंगाल में नहीं चलेगी।
उन्होंने कहा, ये जो यात्रा चली है, ये रुकने वाली नहीं है। ये यात्रा जो 18 सीटों तक पहुंची है, विधानसभा में दो तिहाई बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनाकर समाप्त होने वाली है। ये यात्रा बीजेपी के विकास की नहीं है, बल्कि ये यात्रा बंगाल के विकास की यात्रा है।
ये यात्रा बंगाल के गरीब के शोषण के खिलाफ संघर्ष की है। ये यात्रा सिंडीकेट को समाप्त करने की यात्रा है। ये यात्रा टोलबाजी समाप्त करने की यात्रा है। ये यात्रा धुसपैठ समाप्त करने की है। ये यात्रा करोड़ों शरणार्थियों को नागरिकता देकर सम्मान देने की है।
