बंगाल वर्चुअल रैली: अमित शाह की ममता को चुनौती, कहा- राजनीति का मैदान तय कर लो, दो-दो हाथ हो जाए
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में वर्चुअल रैली की। करीब 70 मिनट के भाषण में उन्होंने कहा कि सरकार ने मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं। इन ट्रेनों को ममता दीदी ने कोरोना एक्सप्रेस बताया। यही ट्रेनें उनके बंगाल से बाहर जाने वाली एक्सप्रेस बन जाएंगी।
बंगाल सरकार पर केंद्र की योजनाएं लागू न करने का आरोप लगाते हुए अमित शाह ने ममता बनर्जी को चुनौती दी और कहा कि ये राजनीति की चीज नहीं है, राजनीतिक के कई और मैदान हैं आप मैदान तय कर लो, दो-दो हाथ जाए।
दरअसल, अपने भाषण में अमित शाह बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर केंद्र की योजनाएं राज्य में लागू न करने का आरोप लगा रहे थे। इसी कड़ी में उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की वजह से आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ बंगाल की जनता को नहीं मिल पा रहा है।
अमित शाह ने ममता बनर्जी पर इन तमाम मसलों पर राजनीति न करने के लिये कहा है और चुनौती दी कि राजनीति के लिये और बहुत मैदान हैं आप जो चाहे तय करें और दो-दो हाथ हो जाए। अमित शाह ने ये भी कहा कि सरकार बदलते ही शपथ के एक मिनट के अंदर सब योजनाएं लागू हो जायेंगी।
इसके अलावा अमित शाह ने बंगाल में राजनीतिक हिंसा का आरोप लगाते हुये ये भी कहा कि जिस बंगाल में रविन्द्र संगीत की धुन सुनाई देती थी, वो बंगाल आज बम धमाकों से दहल रहा है। गोलियों की आवाज, हत्याओं और लोगों की चीखों से सुन्न रह गया है। कौमी दंगों से इसकी आत्मा को बहुत बड़ी क्षति पहुंची है।
अमित शाह ने बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से 100 से ज्यादा बीजेपी कार्यकर्ताओं ने संघर्ष करते हुये अपनी जान गंवाई है। मैं उनके परिवारों को सलाम करना चाहता हूं और जब भी बंगाल के अंदर परिवर्तन का इतिहास लिखा जायेगा, इन कार्यकर्ताओं का नाम लिखा जायेगा। शाह ने आह्वान किया कि इस बार बंगाल में परिवर्तन निश्चित है।
