आज मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंसिग करेंगे पीएम मोदी
नई दिल्ली। देश में जिस तेजी के साथ कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला बढ़ रहा है उसे देखते हुए ऐसे माना जा रहा है कि देश से नागरिकों को बचाने के लिए और इसके खतरनाक संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधी को बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल ये लॉकडाउन 3 मई को पूरा हो जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सभी मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए कोरोना से बने देश में हालात पर चर्चा करेंगे। कोरोना पर मुख्यमंत्रियों के साथ यह उनकी तीसरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होगी। पीएम मोदी मुख्यमंत्रियों से ये भी जानेंगे कि अलग-अलग राज्यों में इस कोरोना से कैसे हालात हैं व राज्य इससे कैसे निपट रहे हैं।
माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस चर्चा में लॉकडाउन के बढ़ाए जाने को लेकर भी चर्चा करेंगे। इससे पहले अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार 20 और 25 अप्रैल को दो बार लॉकडाउन में छूट दे चुकी है। हालांकि, कहां-कहां दुकानें खोली जाएं और आर्थिक गतिविधियां शुरू की जाएं, इस पर फैसला राज्यों के ऊपर छोड़ा गया है।
तीन मुद्दों पर चर्चा होनी है
एक, राज्यों में कोरोना संक्रमण की मौजूदा स्थिति और रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयास। दूसरे 20 अप्रैल से गृह मंत्रालय द्वारा प्रदत्त छूटों के क्रियान्वयन पर राज्यों का फीडबैक और तीसरे, तीन मई के बाद की क्या रणनीति हो। हालांकि इस दौरान राज्यों की तरफ से भी अपने मुद्दे रखे जा सकते हैं। इनमें आर्थिक पैकेज की मांग प्रमुख हैं।
लॉकडाउन के दूसरे चरण को लेकर भी चर्चा
बैठक में तीन मई को खत्म हो रहे लॉकडाउन के दूसरे चरण को लेकर भी चर्चा होगी। विचार विमर्श के दौरान भविष्य के कदमों को लेकर भी संकेत मिलेंगे। लॉकडाउन को सभी राज्यों ने पूरा समर्थन दिया है, हालांकि इससे उनकी आर्थिक और दूसरी समस्याएं बढ़ी है। कई राज्यों ने केंद्र से आर्थिक पैकेज देने और राज्यों के भीतर सीमित गतिविधियां शुरू करने की मांग की है।
इस बैठक में पीएम मोदी इस बात के भी संकेत दे सकते हैं कि राज्यों की मांगों पर केंद्र क्या कदम उठा सकती है। गृह मंत्रालय ने अपने दिशा निर्देशों में कई तरह की छूट देकर आर्थिक गतिविधियां व व्यापारिक गतिविधियों को करने की छूट भी दी है। इस पर अभी तक अमल को लेकर भी चर्चा होगी।
प्रवासी मजदूरों को लेकर भी चर्चा
मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा बैठक में मुख्यमंत्रियों के साथ प्रवासी मजदूरों को लेकर भी चर्चा हो सकती है। दरअसल लॉकडाउन में एक बड़ी समस्या प्रवासी मजदूरों की है जो देश के विभिन्न शहरों में फंसे हुए हैं और अपने गांव को लौटना चाहते हैं। कई राज्यों ने इनको अपने घरों तक पहुंचाने के लिए केंद्र से विशेष ट्रेनें और बसें शुरू करने का आग्रह भी किया है।
