Apr 18 2026 / 3:43 AM

सीएम योगी ने किया ट्रूनैट मशीनों का लोकार्पण

लखनऊ। यूपी के अब सभी 75 जिलों में सिर्फ 90 मिनट में ट्रूनेट मशीनों से मिल जाएगी कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लोकार्पण किया। इस अवसर पर योगी ने क​हा कि हम कोरोना की चेन तोड़ रहें हैं। उन्होंने कहा कि जहां पर लापरवाही हुई वहीं पर कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह मशीन एक दिन में 20 से 25 सैंपल की जांच कर सकती है, इससे जो इमरजेंसी सेवाएं और आवश्यक ऑपरेशन हैं उनको आगे बढ़ाने में काफी सहायता मिल सकती है। ट्रू नेट मशीनों के माध्यम से कोविड नेगेटिव की रिपोर्ट जल्दी प्राप्त की जा सकती है, मुझे खुशी है कि आज हम प्रदेश के सभी 75 जनपदों में इस मशीन की आपूर्ति करने में समर्थ हैं।

प्रदेश के 75 जिलों और छह मेडिकल कॉलेजों में ट्रूनैट मशीनें लगाई गईं। जिससे प्रदेश में अब कोरोना वायरस की टेस्टिंग क्षमता भी बढ़ेगी। पहले देश में इन मशीनों से टीबी तथा एचआइवी का टेस्ट होता ता। उससे संक्रमितों का पता लगाया जाता था।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह बात सामने आई कि ट्रू-नेट मशीन के माध्यम से कोरोना वायरस के जांच की सुविधा को उपलब्ध कराया जा सकता है और शीघ्र रिपोर्ट प्राप्त की जा सकती है। इसके बाद हमने प्रदेश के सभी नॉन-कोविड अस्पतालों, सभी जिला चिकित्सालयों के साथ ही मेडिकल कॉलेजों में इस मशीन की आपूर्ति के लिए त्वरित कार्रवाई की और आज हम प्रदेश के सभी 75 जनपदों और 6 मेडिकल कॉलेजों में इस मशीन की आपूर्ति करने में सफल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मैंने पिछले दिनों चार मंडल बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़ और वाराणसी का स्वयं दौरा किया था। वहां इन सभी मशीनों की आवश्यकता को महसूस करते हुए इसकी उपयोगिता के बारे में टीम-11 को भी बहुत स्पष्ट शब्दों में अवगत कराया था। यह इस समय बेहद महत्वपूर्ण है कि जब हम कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी से लड़ रहे हैं, उन स्थितियों में हमारे सामने वह सारे उपाय होने चाहिए जो हर प्रकार से कोरोना वायरस संक्रमण की चेन को तोडऩे में मददगार हो सकते हैं। कोरोना महामारी के दौरान यह देखा गया है कि जहां भी थोड़ी लापरवाही हुई, वहां संक्रमण तेजी के साथ फैला है।

उन्होंने कहा कि इस कारण से सावधानी बरतने के लिए लॉकडाउन के प्रथम चरण में अस्पतालों में केवल कोरोना जांच की सुविधा के अलावा ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं बंद कर दी गई थीं। प्रथम चरण के बाद इमरजेंसी सेवाएं प्रारम्भ की गईं लेकिन हमारे सामने उस समय ऐसा कोई भी रास्ता नहीं था, जिससे हम लोगों को एक सुरक्षित माहौल में इमरजेंसी सेवाएं और ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध करा सकें।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं स्वास्थ्य विभाग को इस बात के लिए बधाई दूंगा कि उन्होंने 15 हजार से अधिक टेस्ट प्रतिदिन का लक्ष्य पूरा कर लिया है, इसी को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया का हिस्सा यह सभी ट्रू नेट मशीनें हैं। यह मशीन एक दिन में 20 से 25 सैंपल की जांच कर सकती है। इससे जो इमरजेंसी सेवाएं और आवश्यक ऑपरेशन हैं उनको आगे बढ़ाने में काफी सहायता मिल सकती है।

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