Sep 25 2026 / 8:00 AM

हम कोरोना को जितना रोक पाएंगे, उतना ही हमारी अर्थव्यवस्था खुलेगी: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना के खतरे से निपटने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया है। मोदी ने कोरोना संकट पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग से बात करते हुए कहा कि हमें इस बात का ध्यान रखना है कि हम कोरोना को जितना रोक पाएंगे, उतनी ही हमारी अर्थव्यवस्था खुलेगी, हमारे दफ्तर खुलेंगे, मार्केट खुलेंगे, ट्रांसपोर्ट के साधन खुलेंगे और उतने ही रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस से होने वाली हर मौत दुखी करने वाली है। कई जगहों पर लोग बिना मास्क के बाहर निकल रहे हैं, ये बेहद खतरनाक है। पीएम ने कहा कि जितना ज्यादा आप घरों में रहेंगे। एहतियात बरतेंगे, उतनी ही जल्दी न सिर्फ इस महामारी से निजात मिलेगी, बल्कि काम धंधे आसानी से शुरू होंगे। और लोग अपने दफ्तरों में जा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि सही समय पर उठाए गए कदम से भारत में कोरोना की समस्या अन्य देशों की अपेक्षा कम है। बीते हफ्तों में हजारों की संख्या में लोग विदेशों से अपने वतन लौटे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि एक बड़ी आबादी होने के बाद भी कोरोना भारत में वह विकराल रूप नहीं दिखा सका जो दुनिया के बाकी देशों में देखने को मिला।

उन्होंने कहा कि दुनिया भर के विशेषज्ञ लॉकडाउन और भारत के लोगों द्वारा किए गए अनुशासन की भारी चर्चा कर रहे हैं। भारत में रिकवरी रेट 50 प्रतिशत से ज्यादा चला गया है। आज कोरोना उन देशों में अग्रणी है जहां कोरोना मरीजों का जीवन बच रहा है। कोरोना से किसी भी मृत्यु दुखद है, लेकिन यह भी सच है कि आज भारत दुनिया के उन देशों में जहां कोरोना से सबसे कम मृत्यु हो रही है। अनेक राज्यों के अनुभव विश्वास जताते हैं कि कोरोना के संकट में भारत अपनी अर्थव्यवस्था को संभाल सकता है।

पीएम मोदी ने कहा कि अनलॉक-1 के कारण हमें बड़ा सबक मिला है कि अगर हम नियमों का पालन करते रहे तो कोरोना संकट से भारत को कम से कम नुकसान होगा। इसलिए मास्क या फेस कवर पर ज्यादा जोर देना अनिवार्य है। बिना मास्क या फेस कवर के बाहर निकलने की कल्पना अभी सही नहीं है। मास्क न लगाना जितना आप के लिए खतरनाक है उतना ही आसपास के लोगों के लिए भी खतरनाक है। इसलिए दो गज की दूरी का मंत्र, कई बार हाथ धोने और सैनेटाइजर का इस्तेमाल गंभीरता से किया जाना चाहिए। खुद की सुरक्षा, परिवार की सुरक्षा के लिये ये बेहद जरूरी हैं।

उन्होंने कहा कि अब तक सारे दफ्तर खुल चुके हैं। प्राइवेट सेक्टर में भी लोग ऑफिस जाने लगे हैं। बाजारों में सड़कों पर भीड़ बढ़ने लगी है। इन उपायों से ही कोरोना को रोका जा सकता है। थोड़ी सी भी लापरवाही, अनुशासन में कमी कोरोना के खिलाफ हम सभी की लड़ाई को कमजोर करेगा। इसके साथ ही देश के कई महीनों की तपस्या पर पानी फिर जाएगा। इसलिए कोरोना को बढ़ने से जितना रोक पाएंगे उतना ही हमारी अर्थव्यवस्था खुलेगी और रोजगार बढ़ेंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि बीते कुछ दिनों से अर्थव्यवस्था खोलने से ग्रीन सूट्स दिखने लगे हैं। पावर कंजम्पशन जो लगातार घट रहा था उसमें भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इस साल मई में फर्टिलाइजर की सेल पिछले साल मई की अपेक्षा ज्यादा हुई है। खरीफ की बुआई बीते साल की अपेक्षा में करीब 12 प्रतिशत ज्यादा हुई है। रिटेल में डिजिटल पेमेंट भी लॉकडाउन से पहले की स्थिति में पहुंच चुका है। टोल कलेक्शन में बढ़ोतरी हुई है। जो इकोनॉमिक एक्टिविटी को दिखाता है।

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