फार्मगेट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक लाख करोड़ देगी सरकार: वित्त मंत्री
नई दिल्ली। पिछले 2 दिन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऐलान किए गए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की जानकारी दी जा रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहत पैकेज की तीसरी किस्त की जानकारी को साझा किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि देश की बहुत बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। आज की तीसरी किस्त कृषि, सिंचाई, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी सेक्टर के लिए है। उन्होंने कहा कि तीसरी किस्त में कृषि पर पूरा फोकस है। उन्होंने कहा कि आज के 11 में से 8 ऐलान इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े हुए हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे और मझौले किसानों के पास 85 फीसदी खेती है। भारत दाल, दूध और जूट का सबसे बड़ा उत्पादक है. उन्होंने कहा कि सूखे और बाढ़ के बावजूद किसानों ने बेहतर काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने फसल बीमा योजना से किसानों को फायदा पहुंचाया गया है।
उन्होंने कहा कि पीएम किसान योजना के तहत किसानों को पिछले 2 महीने में 18,700 करोड़ रुपये दिए गए हैं। किसानों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान दूध की मांग में 20-25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 2 महीने में MSP पर 74,300 करोड़ रुपये की फसल की खरीद की गई।
माइक्रो फूड इंटरप्राइजेज के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का पैकेज
वित्त मंत्री ने कहा कि फार्मगेट इंफ्रास्ट्रक्चर (कृषि आधारभूत ढांचा) के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके तहत भंडारण की क्षमता को बेहतर बनाना, सप्लाई चेन को दुरुस्त करना और कृषि उद्ममी के लिए आधारभूत ढांचा तैयार करना है।इस पैकेज से किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। एग्रीगेटर्स और एफपीओ को फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना में किसानों को 6,400 करोड़ रुपये का क्लेम दिया गया है। माइक्रो फूड इंटरप्राइजेज के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का पैकेज जारी किया गया है। इसके जरिए ब्रांड और मार्केटिंग में फायदा होगा। साथ ही 2 लाख इकाईयों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि फेमस फूड के लिए कलस्टर बनेगा।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 हजार करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को जल्द लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 11 हजार करोड़ रुपये एक्वाकल्चर गतिविधियों के लिए आवंटन किए गए हैं। इस योजना से मछुआरों को काफी फायदा होगा।
पशुपालन सेक्टर की बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान
वित्त मंत्री ने पशुपालन सेक्टर की बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए एनिमल हस्बैंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप फंड के तौर पर 15 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पशुओं में बीमारियों की रोकथाम के लिए नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पशुओं की 100 फीसदी वैक्सीनेशन सुनिश्चित करेंगे।
10 लाख हेक्टेयर जमीन पर हर्बल खेती की योजना
उन्होंने कहा कि गंगा के दोनों छोर पर हर्बल खेती के लिए 4 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस प्रयास से जन औषधि को मजबूती मिलेगी। हर्बल खेती के लिए नेटवर्क तैयार किया जाएगा। हर्बल खेती के लिए रीजनल मंडी को तैयार किया जाएगा।
मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये का पैकेज
मधुमख्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को इससे काफी फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि टॉप टू टोटल योजना में 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि नष्ट होने वाले खाद्य पदार्थों को बचाने के लिए इस पैकेज को लाया गया है। अब सभी तरह के फल और सब्जियों को इसमें शामिल किया गया है। स्टोरेज को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा कानून में होगा बदलाव
वित्त मंत्री ने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में बदलाव किया गया जाएगा। उन्होंने कहा कि खाने का तेल, तिलहन और दाल की कीमतों को डीरेग्यूलेट किया जाएगा। सरकार के इस कदम से किसानों को उनकी फसल का ज्यादा दाम मिलेगा। नए कानून में कई कमोडिटी को मुक्त रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थियों में ही स्टॉक लिमिट को लागू किया जाएगा। फूड प्रोसेसिंग यूनिट पर स्टॉक लिमिट नहीं लगेगी।
दूसरे राज्यों में अपनी फसल बेच सकेंगे किसान
एपीएमसी एक्ट में बड़े बदलाव किए जाएंगे। किसानों को फसल बेचने की आजादी मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि किसान अब दूसरे राज्यों में अपना सामान बेच सकेंगे। किसान अब रिटेलर्स और प्रोसेसर्स से संपर्क कर सकेंगे।
20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की जानकारी साझा कर रही हैं वित्त मंत्री
वित्त मंत्री ने राहत पैकेज के तहत पहले दिन के ऐलान में मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के लिए बड़ी घोषणाएं की थीं। वित्त मंत्री ने डिस्कॉम्स और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए लिक्विडिटी की घोषणा की थी। दूसरे दिन वित्त मंत्री ने प्रवासी मजदूरों को मुफ्त में 2 महीने तक अनाज दिए जाने की घोषणा की थी। इसके अलावा छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थीं।
