Sep 23 2026 / 10:23 PM

गृह मंत्रालय के सभी राज्यों को निर्देश- रोका जाए मजदूरों का पलायन

नई दिल्ली। कोरोना वायरस को रोकने के लिए देशभर में 21 दिनों के लॉकडाउन के बीच दिल्ली समेत तमाम बड़े शहरों से दूसरे राज्यों के मजदूरों का बड़े पैमाने पर पलायन जारी है। मजदूर पैदल ही परिवार के साथ सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने-अपने घरों के लिए निकले हैं। अब लॉकडाउन के चौथे दिन गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे इन प्रवासी मजदूरों समेत बेघर लोगों के खाने-पीने, ठहरने, कपड़े इलाज आदि का पुख्ता इंतजाम करें।

गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि मजदूरों का पलायन रोका जाए। केंद्र ने राज्यों से इसके लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड के लिए आवंटित की गई रकम का इस्तेमाल करने को कहा है। बता दें कि आज लॉकडाउन का चौथा दिन है। शुक्रवार से ही दिल्ली से देश के अलग-अलग राज्यों में जाने वाली सड़कों पर मजदूरों की लंबी कतार लगी हुई है। ये मजदूर यहां से किसी भी हालत में निकलना चाहते हैं। इस वजह से संक्रमण का खतरा एक बार फिर से बढ़ता नजर आ रहा है।

दिल्ली-एनसीआर में फंसे देश भर के मजदूरों को यहां से निकालने पर अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री अलग-अलग बयान जारी कर रहे हैं। बिहार के सीएम नीतीश कुमार कहा है कि जो मजदूर जहां है अभी वहीं रहें, क्योंकि उनके वापस आने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निर्देश दिया है कि जो भी प्रवासी मजदूर जहां फंसे हुए हैं उन्हें राज्य की सीमा तक सरकारी बस से पहुंचाया जाएगा।

दिल्ली के आनंद विहार में बड़ी संख्या में मजदूरों की भीड़ है, ये सभी मजदूर जल्द से जल्द घर लौटना चाहते हैं। इनकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने 1000 बसों का इंतजाम किया है। ये मजदूर यूपी के एटा, इटावा, बुलंद शहर, बदायूं की ओर जाने वाले हैं। सीएम योगी ने कहा कि मजदूरों को न सिर्फ सकुशल घर वापस भेजा जाएगा, बल्कि उनके खाने-पीने का इंतजाम किया जाएगा।

Share With

मध्यप्रदेश