भारत-चीन विवाद: सैन्य स्तर की बैठक में शांति से विवाद सुलझाने पर बनी सहमति
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच मौजूदा सीमा विवाद को लेकर शनिवार को हुई सैन्य स्तर की बैठक पर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों पक्ष मामले को शांतिपूर्वक तरीके से हल करने के लिए सहमत हुए। भारत से मौजूदा सीमा विवाद को चीन शांति से सुलाझाने के लिए तैयार हो गया है। शनिवार को हुई सैन्य स्तर की बैठक पर विदेश मंत्रालय बयान आया है।
मंत्रालय के अनुसार यह बातचीत शांतिपूर्ण और गर्मजोशी के माहौल में हुई। मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करने और हालात का हल निकालने के लिए दोनों पक्ष सैन्य और कूटनीतिक तौर पर जुड़े रहेंगे। दोनों पक्ष विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार मामले को शांतिपूर्वक तरीके से हल करने के लिए सहमत हुए। इससे पहले अबतक कई दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी।
विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि दोनों पक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों में शांतिपूर्वक हल निकालने के लिए सहमत हुए हैं। विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों और नेताओं के बीच हुए समझौते को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों पक्षों ने इस वर्ष दोनों देशों (भारत और चीन) के बीच कूटनीतिक संबंधों की 70 वीं वर्षगांठ को भी याद और दोनों देशों ने इस बात पर सहमत हुए।
गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच महीने भर से जारी गतिरोध को सुलझाने की कोशिश में शनिवार को चीन की क्षेत्र में बॉर्डर पर्सनेल मीटिंग पॉइंट पर चुशुल-मोल्डो इलाके में उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता हुई। भारत की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और चीन की तरफ से मेजर जनरल लियू लिन ने इस बैठक का प्रतिनिधित्व किया।
विवाद के समाधान के लिए इस पहले भी दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के स्तर पर कई बार बातचीत हुई है। मेजर जनरल स्तर के अधिकारियों की भी तीन राउंड वार्ताएं हुई हैं। इसके बाद शनिवार को कोर कमांडर स्तर की अहम वार्ता हुई। भारत ने सभी दौर के वार्ताओं में स्पष्ट किया है कि एलएसी पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाने का सिलसिला चीन ने शुरू किया है।
ऐसे में भारत के पास जवाबी कार्रवाई के तहत अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं था। एलएसी पर अतिक्रमण करने के बाद से चीनी सैनिक फिंगर-4 इलाके से भारतीय सैनिकों को गश्त के लिए बढ़ने से रोक रहे हैं।
