Jun 06 2026 / 6:50 AM

कालाष्टमी 2020: जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

भारतीय धर्म ग्रंथों के अनुसार व ज्योतिष शास्त्र द्वारा निर्मित हिंदु पंचाग के अनुसार हर माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का पर्व भारत वर्ष में बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। इसके अनुसार, ज्येष्ठ माह में कृष्ण पक्ष की कालाष्टमी 13 जून 2020, यानी आज है।

कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा व उपासना से भक्त को मनोवांछित फल मिलता है। अत: भैरव जी की पूजा-अर्चना करने व कालाष्टमी के दिन व्रत एवं षोड्षोपचार पूजन करना अत्यंत शुभ और फलदायक माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन कालभैरव के दर्शन एवं पूजन से मनवांछित फल प्राप्त होता है।

यह माना जाता है कि उसी दिन भगवान शिव भैरव के रूप में प्रकट हुए थे। इसे कालभैरव जयन्ती को भैरव अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु भोले नाथ की कथा पढ़कर उनका भजन करते हैं।

ऐसा कहा जाता हैं कि इस दिन पूजा करने वाले भक्तों को भैरव बाबा की कथा को जरूर सुनना चाहिए। ऐसा करने से आपके आस पास मौजूद नकारात्मक शक्तियों के साथ आर्थिक तंगी से जुझ रहे लोगों को भी राहत मिलती हैं।

मासिक कालाष्टमी 2020 मुहूर्त

प्रारम्भ – 10:52 p.m., जून 12
समाप्त – 12:56 A.M., जून 14

कालाष्टमी पौराणिक मान्यताएं

मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने पापियों का विनाश करने के लिए अपना रौद्र रूप धारण किया था। शिव के दो रूप बताए जाते हैं बटुक ​भैरव और काल भैरव। जहां बटुक भैरव सौमय हैं वही काल भैरव रौद्र रूप में हैं। मासिक कालाष्टमी को पूजा रात को कि जाती हैं इस दिन काल भैरव की पूजा करने से भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं रात को चंद्रमा को जल चढ़ाने के बाद ही यह व्रत पूरा माना जाता हैं।

मासिक कालाष्टमी 2020 की पूजा विधि

इस दिन भैरव चालीसा का पाठ करना चाहिए। कालाष्टमी के पावन दिन पर कुत्ते को भोजन कराना चाहिए। ऐसा करने से भैरव बाबा प्रसन्न होते हैं और सभी इच्छाओं को पूरा करते हैं। भैरव बाबा का वाहन कुत्ता होता हैं इसलिए इस दिन कुत्ते को भोजन कराने से विशेष फल की प्राप्ति भक्तों को होती हैं।

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