Sep 24 2026 / 8:09 AM

देश में 2 हफ्ते के लिए बढ़ा लॉकडाउन, गृह मंत्रालय ने जारी किए आदेश

नई दिल्ली। लॉकडाउन की अवधि फिर से दो हफ्ते के लिए बढ़ा दी गई है। अब देश में 4 मई से 17 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा। शुक्रवार को गृह मंत्रालय ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए। ये आदेश आपदा प्रबंधन कानून 2005 के तहत जारी हुआ है।

आदेश के मुताबिक, ग्रीन जोनों में बसें चल सकेंगी, लेकिन बसों की क्षमता 50% से ज्यादा नहीं होगी। यानी, अगर किसी बस में 50 सीटें हैं तो उसमें 25 से ज्यादा यात्री नहीं चढ़ेंगे। इसी तरह, डीपो में भी 50% से ज्यादा कर्मचारी काम नहीं करेंगे।

बता दें कि लॉकडाउन 2.0 की मियाद 3 मई को समाप्त होने वाली थी। हालांकि इससे पहले ही केंद्र सरकार के जरिए देशव्यापी लॉकडाउन को दो हफ्तों के लिए बढ़ाए जाने का फैसला किया गया है। तीसरी बार है जब देश में लॉकडाउन बढ़ाया गया है। अब ये लॉकडाउन 17 मई तक जारी रहेगा। केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस दौरान सभी शैक्षणिक संस्थान और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से बंद रहेगा।

पूरे देश को 733 जोनों में बांटा गया है। इनमें 130 रेड जोन, 284 ऑरेंज जोन जबकि 319 ग्रीन जोन घोषित किए गए हैं। ग्रीन जोन के जिलों में नाई की दुकानें, सैलून समेत अन्य जरूरी सेवाओं और वस्तुएं मुहैया कराने वाले संस्थान भी 4 मई से खुल जाएंगे। सिनेमा हॉल, मॉल, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आदि बंद रहेंगे।

वहीं, ऑरेंज जोन में बसों के परिचालन की छूट नहीं होगी, लेकिन कैब की अनुमति होगी। कैब में ड्राइवर के साथ एक ही पैसेंजर हो सकता है। ऑरेंज जोन में इंडस्ट्रियल ऐक्टिविटीज शुरू होगी और कॉम्प्लेक्स भी खुलेंगे। रेड जोन में नई की दुकानें, सैलून आदि बंद रहेंगे। विस्तृत जानकारी गृह मंत्रालय की तरफ से दी जाएगी।

देश में कुल 739 जिले हैं, जिनमें से 307 अब भी कोरोना से अछूते हैं यानी 40 प्रतिशत से भी ज्यादा। ये 319 जिले ग्रीन जोन्स हैं। 3 मई के बाद इन जिलों में फैक्ट्रियों, दुकानों, छोटे-मोटे उद्योगों समेत ट्रांसपोर्ट और अन्य सेवाओं को भी शर्तों के साथ पूरी तरह खोलने की अनुमति दे दी गई है।

गौरतलब है कि जिन जिलों में पिछले 21 दिनों से कोरोना वायरस के संक्रमण का एक भी मामला नहीं आता है, उन्हें ग्रीन जोन घोषित कर दिया जाता है। पहले यह मियाद 28 दिनों की थी जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने घटाकर 21 दिन कर दी।

ऑरेंज जोन में उन जिलों को शामिल किया गया है जहां कोरोना मरीजों की संख्या कम है और वहां संक्रमण फैलने का खतरा भी कम है। चूंकि यहां कोविड-19 मरीज हैं, इसलिए इन्हें ग्रीन जोन में नहीं रखा जा सकता है और खतरा ज्यादा नहीं होने के कारण इन्हें रेड जोन में भी नहीं रखा गया है। यानी, इन्हें बीच के ऑरेंज जोन में रखा गया है जिन्हें नॉन-हॉटस्पॉट डिस्ट्रक्टि्स भी कहा जाता है। इस कैटिगरी में अभी 284 जिले हैं।

देश में 130 जिले रेड जोन्स में हैं यानी वहां कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट्स हैं। पूरी दिल्ली रेड जोन में है। मुंबई, अहमदाबाद, सूरत जैसे बड़े औद्योगिक केंद्र भी रेड जोन्स में हैं, जहां रियायतों की गुंजाइश न के बराबर है।

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