Sep 20 2026 / 12:48 AM

महापौर ने पेश की समन्वय की मिसाल बचाई इंदौर की धरोहर

सराफा चौपाटी के स्वरूप और सुरक्षा पर बनेगी 9 सदस्यीय समिति
श्राद्ध पक्ष के बाद पारंपरिक दुकानों के साथ नए रूप में दिखेगा सराफा बाजार- महापौर

इंदौर। सराफा चौपाटी को उसके मूल स्वरूप, धरोहर महत्व और सुरक्षा के साथ संरक्षित करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने ठोस पहल की है। सराफा एसोसिएशन व सोना-चांदी व्यापारियों ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से चर्चा कर सुझाव दिए। व्यापारियों ने कहा कि चौपाटी इंदौर की पहचान है और इसे यथास्थान ही संरक्षित व विकसित किया जाए।ज्ञात ही की महापौर पुष्यमित्र भार्गव पूर्व से ही सराफा बाजार जी नए स्वरूप में पारंपरिक दुकानों के साथ लगाने के पक्षधर थे।

महापौर भार्गव ने बताया कि सभी पक्षों की राय लेकर 9 सदस्यीय समिति बनाई जा रही है। इसमें 3 सदस्य सोना-चांदी व्यापारियों के, 3 चौपाटी व्यापारियों के और 3 सदस्य निगम अधिकारियों व एमआईसी सदस्यों के होंगे। महापौर स्वयं भी समिति में शामिल रहेंगे। यह समिति 5 से 7 दिनों में स्वरूप, समय-निर्धारण और सुरक्षा पर खाका तैयार करेगी।

महापौर ने कहा- “सराफा के व्यापारी इंदौर की पहचान हैं। उनके सहयोग से ही शहर ने देशभर में अलग छवि बनाई है। शहरहित में उनके निर्णय के लिए मैं पूरे इंदौर की ओर से आभार प्रकट करता हूँ।”

बैठक में यह भी सुझाव आया कि चौपाटी का संचालन समय सोना-चांदी व्यापार के समय के अनुरूप तय किया जाए। फायर सुरक्षा और पारंपरिक दुकानों के स्वरूप को ध्यान में रखते हुए समिति इस पर निर्णय लेगी।

महापौर ने स्पष्ट किया कि इंदौर संवाद और समन्वय का शहर है। व्यापारियों के सहयोग से चौपाटी को श्राद्ध पक्ष के बाद पारंपरिक दुकानों के साथ एक सुरक्षित, सुंदर और अनुशासित स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

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