प्रवासी मजदूरों को घर भेजने का रास्ता निकाल रहे हैं: उद्धव ठाकरे
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को बताया कि हम प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने का हरसंभव रास्ता निकाल रहे हैं। इसके लिए हम केंद्र से बात कर रहे हैं। एक बात साफ है कि ट्रेनें नहीं चलेंगी। लेकिन मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है और इस बाबत दूसरे राज्यों से बात की जा रही है। हम नहीं चाहते कि भीड़ जमा हो। नहीं तो लॉकडाउन को आगे बढ़ाना पड़ेगा।
सीएम उद्धव ने बताया, महाराष्ट्र में कोरोना के 80 प्रतिशत मरीजों में कोई भी लक्षण नहीं दिखे। बाकी के 20 प्रतिशत ऐसे थे, जिनमें हल्का या गंभीर लक्षण दिख रहा था। हमें देखना है कि इन लोगों को भी कैसे बचाया जाए। अगर किसी को भी लक्षण दिख रहे हैं तो उसे छिपाइए मत, जाकर टेस्ट कराइए।
उन्होंने कोरोना से संक्रमित होकर जान गंवाने वाले दो पुलिसकर्मियों के बारे में कहा, यह काफी तकलीफदेह है कि हमारे 2 पुलिसकर्मियों को अपनी जिंदगी कुर्बान करनी पड़ी। मैं उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं। सरकार की नीतियों के अनुसार ही उनके परिवार का सहयोग किया जाएगा। गौरतलब है कि कोरोना की जांच के मामले में महाराष्ट्र ने देश के सभी राज्यों को पछाड़ दिया है।
उद्धव ने कहा, आज अक्षय तृतीया है लेकिन किसी तरह का सेलिब्रेशन नहीं हो रहा। मैं इसके लिए शुक्रगुजार हूं। मैं यह भी अपील करना चाहता हूं कि रमजान के इस वक्त में बाहर मत निकलिए। हर कोई पूछ रहा है कि भगवान कहां है? इस संकट के वक्त में हमारी सेवा में लगा हर कोई भगवान ही है। पुलिस, डॉक्टर, सफाईकर्मी और बाकी सभी लोग।
बता दें कि महाराष्ट्र में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 7628 पहुंच गया है। यहां अभी तक 323 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में करीब 40 निजी और सरकारी लैब में वायरस की जांच हो रही है। लक्षण न दिखने वाले मरीजों को रखने के लिए बीएमसी ने अलग व्यवस्था की है।
