निठारी हत्याकांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने की आत्महत्या
नई दिल्ली। नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड के मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने आत्महत्या कर ली है। वो पिछले कुछ दिनों से हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में चाय की दुकान चला रहा था। इसी दुकान में उसका शव फांसी पर लटकता मिला।
कोली ने सप्त सरोवर रोड पर स्थित लालमाता मंदिर के सामने दुकान खोली थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। कोली के परिजनों को सूचित किया जा रहा है। दुकान से किसी प्रकार का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
सुरेंद्र कोली मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के ग्राम मंगरुखाल का रहने वाला था। सुरेंद्र कोली को पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रिहा किया गया था। शीर्ष अदालत ने सुरेंद्र कोली की क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई करते हुए 11 नवबंर 2025 को दिए अपने फैसले में उसकी बची हुई सजा को रद्द कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था 12 मामलों में बरी हो चुके आरोपी को एक ही सबूत और तथ्य के आधार पर एक मामले में सजा देना न्याय के खिलाफ है। अदालत ने कहा कि अगर कोली पर कोई और मामला नहीं है तो उसे जेल से तुरंत रिहा कर दिया जाए।
सुरेंद्र कोली को निचली अदालत ने कुल 13 मामलों में फांसी की सजा सुनाई थी। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2023 में सुरेंद्र कोली को 12 मामलों में बरी कर दिया था। इसके बाद बचे हुए एक मामले में उसे सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई थी।
सुरेंद्र कोली लगभग 19 साल जेल में रहा। इस मामले में कोली का मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर भी सह आरोपी था, उसे भी रिहा किया जा चुका है। सुरेंद्र कोली जिस कोठी में काम करता था वो पंढेर की थी। इन पर बच्चों और युवतियों के साथ दुष्कर्म, मर्डर और शवों के टुकड़े करके खाने का आरोप लगा था।
