पीएम मोदी ने किया 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का ऐलान
नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज फिर एक बार देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया ने कभी ऐसा संकट नहीं देखा है। मोदी ने कहा कि कोरोना का संकट अभूतपूर्व है। हमें इस संकट से बचना भी है और आगे बढ़ना भी है।
इस दौरान नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपए के विशेष आर्थिक पैकेज का ऐलान किया और कहा कि यह आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देगा। देश में लॉकडाउन के 54 दिन में यह उनका पांचवां संदेश है। इस संदेश से पहले सोमवार को मोदी ने मुख्यमंत्रियों से करीब 6 घंटे बातचीत की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण से मुकाबले करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा समय बीत गया है। इस दौरान तमाम देशों को 42 लाख लोगों संक्रमित हुए हैं। पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की दुखद मौत हुई है। भारत में भी अनेक परिवारों ने अपने स्वजन खोए हैं। मैं सभी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, एक वायरस ने दुनिया को तहस नहस कर दिया है। भारत की प्रगति में तो हमेश विश्व की प्रगति समाहित रही है। भारत के लक्ष्यों का प्रभाव, भारत के कार्यों का प्रभाव विश्व कल्याण पर पड़ता ही है। जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही दुनिया में आज भारत की दवाईयां पहुंच रही हैं।
स्वाभाविक है कि हर भारतीय गर्व करता है। दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है। मान जाति के लिए बहुत कुछ अच्छा दे सकता है। सवाल यह है कि आखिर कैसै। इसका जवाब भा है आत्मनिर्भर भारत का संकल्प।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज फिर भारत विकास की ओर सफलतापूर्वक कदम बढ़ा रहा है तब भी विश्व कल्याण की राह पर अटल है। आज हमारे पास साधन है, सामर्थ्य है। हमारे पास दुनिया के सबसे बेहतरीन टाइलेंट है। हम अपनी क्वालिटी और बेहतर करेंगे। ये हम कर सकते हैं और करेंगे।
आज जब दुनिया संकट में है तो हमें अपना संकल्प और मजबूत करना होगा, हमारा संकल्प इस संकट से भी विराट होगा। साथियो! हम पिछली शताब्दी से ही लगातार सुनते आए हैं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की है। हमने कोरोना से पहले की दुनिया को, वैश्विक व्यवस्थाओं को देखने समझने का मौका मिला है।
कोरोना संकट के बाद भी दुनिया में जो स्थितियां बन रही हैं, उसे भी हम निरंतर देख रहे हैं। विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है, आत्मनिर्भर भारत। हमारे यहां शास्त्रों में भी यही कहा गया है। इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संकेत, एक संदेश, एक अवसर लेकर आई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं एक उदाहरण के साथ अपनी बात बता रहा हूं। जब कोरोना संकट शुरू हुआ, तब भारत में एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी। एन-95 मास्क का भारत में नाममात्र उत्पादन होता था।
आज स्थिति यह है कि भारत में ही हर रोज दो लाख पीपीई और दो लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं। हम ऐसा इसलिए कर पाए, क्योंकि भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया। ऐसा करने की भारत की दृष्टि आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प के लिए उतनी ही प्रभावी होने वाली है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैंने अपनी आंखों के सामने कच्छ भूकंप के वे दिन देखें हैं। हर तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा। ऐसा लगता था कि मानों कच्छ मौत की चादर ओढ़कर सो गया है। लेकिन देखते ही देखते कच्छ चल पड़ा। यही हम भारतीयों की संकल्प शक्ति है। हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं। आज तो चाह भी है, राह भी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आत्मनिर्भर बन सकता है। यह भव्य इमारत पांच पिलर्स पर खड़ी है। पहला पिलर- इकोनॉमी। एक ऐसी इकोनॉमी जो इन्क्रीमेंटल चेंज नहीं, बल्कि क्वांटम जम्प लाए। दूसरा पिलर- इन्फ्रास्ट्रक्चर। एक ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर जो आधुनिक भारत की पहचान बने।
तीसरा पिलर- सिस्टम। ऐसा सिस्टम जो बीती शताब्दी की रीति नहीं, बल्कि 21वीं शताब्दी की टेक्नोलॉजी ड्रिवन व्यवस्था पर आधारित हो। चौथा पिलर- डेमोग्राफी। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की डेमोग्राफी आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है। पांचवां पिलर- डिमांड। इसका चक्र और इसकी ताकत का इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में डिमांड बढ़ाने और इसे पूरा करने के लिए हमारी सप्लाई चेन के हर स्टेकहोल्डर का सशक्त होना जरूरी है। हमारी सप्लाई चेन को हम मजबूत करेंगे, जिसमें मेरे देश की मिट्टी की महक हो। हमारे मजदूरों के पसीने की खुशबू हो। कोरोना संकट का सामना करते हुए नए संकल्प के साथ मैं आज 20 लाख करोड़ रुपए के एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 20 लाख करोड़ रुपये का एक पैकेज 2020 में देश की विकास यात्रा को आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगा। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए इसमें सभी पर बल दिया गया है। ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटिर उद्योग, लघु उद्योग और मंझोले उद्योग के लिए हैं, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है।
इस बीच देश में कोरोनावायरस संक्रमितों का कुल आंकड़ा बढ़कर 70,000 के पार पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोरोना से अब तक 2293 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि संक्रमितों की संख्या 70,756 हो गई है। वहीं, पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3604 नए मामले सामने आए हैं और 87 लोग इसकी वजह से जान गंवा चुके हैं।
इस बीमारी से अब तक 22,455 मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं, रिकवरी रेट लगातार सुधर कर 31.73 प्रतिशत पर पहुंच गया है। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लगाया गया है, जो 17 मई तक प्रभावी रहेगा।
