‘मन की बात’ में बोले पीएम मोदी- अपनी आदतों को बदलें, मास्क लगाएं, सार्वजनिक स्थलों पर थूकें नहीं
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ में कोरोना वायरस से जंग के लिए देशवासियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश एकसाथ चल रहा है। ताली, थाली, दीया और मोमबत्ती ने देश को प्रेरित किया है। ऐसा लग रहा है कि महायज्ञ चल रहा है। हमारे किसान खेत में मेहनत कर रहे हैं ताकि कोई भूखा नहीं रहे। कोई मास्क बना रहा है, तो कोई क्वारैंटाइन में रहते हुए स्कूल की पुताई कर रहा है। कोई घर का किराया माफ कर रहा है। यह उमड़ता-घुमड़ता भाव ही कोरोना से लड़ाई को पीपल ड्रिवन (लोगों से संचालित) बना रहा है।
उन्होंने कहा, बहुत ही आदर के साथ 130 करोड़ देशवासियों की इस भावना को नमन करता हूं। पीएम मोदी ने ये भी बताया कि सरकार की तरफ से covidwarriors.gov.in प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है, जिससे करीब सवा करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। इसमें डॉक्टर, नर्स, आशा और अलग-अलग फील्ड के तमाम प्रोफेशनल भी शामिल हैं। पीएम ने बताया कि वह सभी स्थानीय स्तर पर अच्छे काम कर रहे हैं और बाकी लोग भी इससे जुड़ सकते हैं।
पीएम मोदी ने पुलिस के काम की भी सराहना की और कहा कि पुलिस को लेकर भी लोगों की सोच बदली है। पहले जो सोच नकारात्मक दिखती थी, आज वह सकारात्मक हो चुकी है। पुलिस के लोग लोगों को खाना बांट रहे हैं, दवाएं पहुंचा रहे हैं। कोरोना से जंग के इस दौर में पुलिसिंग का एक मानवीय ओर संवेदनशील पक्ष सामने आया है। इससे एक सकारात्मक बदलाव आएगा, जिसे नकारात्मक नहीं होने देना है।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बीच किसान खुद ही अपने खेतों में काम कर रहे हैं, ताकि कोई भूखा ना सोए। कोई किराया माफ कर रहा है, तो कोई अपनी पेशंन या पुरस्कार में मिले पैसे दान कर रहा है। कोई सब्जी दान दे रहा है तो कोई सैकड़ों गरीबों को खाना खिला रहा है। दूसरों के लिए दिल में ये जो भाव है, वही कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत के लोगों को ताकत दे रहा है।
पीएम मोदी ने कहा जो लोग दूसरों की मदद कर रहे हैं, वह इस लड़ाी को मजबूत बना रहे हैं। उन्होंने लोगों की तरफ से गैस सब्सिडी छोड़ना, ट्रेन सब्सिडी छोड़ना, टॉयलेट बनाना आदि का भी जिक्र किया। वह बोले इन सब से एक साथ कुछ करने की प्रेरणा मिली है।
पीएम मोदी ने कहा कोरोना ने हमारी जीवनशैली में जगह बनाई है। हमारी चेतना और समझ जागृत हुई है। इसमें मास्क पहनना और चेहरा ढंकना है। हमें इसकी आदत नहीं रही, लेकिन हो यही रहा है। अब आप खुद के साथ दूसरों को भी बचाना चाहते हैं तो मास्क जरूर पहनें। गमछा भी बेहतर है। सार्वजनिक स्थानों पर थूक देना गलत आदतों का हिस्सा था। हम हमेशा से इस समस्या को जानते थे, लेकिन यह खत्म नहीं हो रही थी। अब समय है कि थूकने की आदत छोड़ देनी चाहिए। यह बेसिक हाईजीन के साथ कोरोना को फैलने से भी रोकेगी।
मेरा आपसे आग्रह है कि अतिआत्मविश्वास न पालें कि शहर, गली में कोरोना पहुंचा नहीं है, इसलिए मुझे नहीं होगा। लेकिन दुनिया का अनुभव कुछ और कह रहा है। इसे समझना होगा। नजर हटी, दुर्घटना घटी। हल्के में लेकर छोड़ी गई आग, कर्ज और बीमारी मौके पड़ते ही दोबारा उभर जाती है। इसलिए कोई लापरवाही न करें। फिर कहूंगा- दो गज दूरी बनाए रखें। अगली बार जब मन की बात में मिलूं तो दुनिया से अच्छी खबरें आएं।
