राहुल गांधी ने की प्रवासी मजदूरों से मुलाकात
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास प्रवासी मजदूरों से मुलाकात की। राहुल गांधी ने फुटपाथ पर बैठकर उनसे बातचीत की और उनकी समस्याएं जानी। उन्होंने भारतीय युवा कांग्रेस और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी से दिल्ली में फंसे प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी की व्यवस्था करने को कहा है।
राहुल गांधी की मजदूरों से मुलाकात पर कांग्रेस ने ट्वीट किया कि लोगों के दर्द को केवल वहीं नेता समझ सकते हैं जो उनका ध्यान रखते हैं। कांग्रेस ने साथ ही पार्टी के पूर्व अध्यक्ष की मजदूरों से मुलाकात की फोटो को भी साझा किया। एक प्रवासी मजदूर देवेंद्र ने बताया कि राहुल गांधी कुछ देर पहले हमसे मिलने आए थे। उन्होंने घर जाने के लिए हमारे लिए गाड़ी बुक की और कहा कि वे हमें घर तक छोड़ेंगे। उन्होंने हमें खाना, पानी और मास्क भी दिया।
इससे पहले उन्होंने वीडियो लिंक के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने सरकार के 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज, कोरोना के दौरान मजदूरों की समस्या और देश के आर्थिक हालात पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक तूफान अभी आया नहीं है, आने वाला है। बहुत जबर्दस्त नुकसान होने वाला है।
हम चाहते हैं कि सरकार हमारी सुने। हम यानी विपक्ष थोड़ा दबाव डाले और अच्छी तरह से समझाए तो सरकार सुन भी लेगी। लॉकडाउन पर केंद्र सरकार को समझदारी से कदम उठाना चाहिए। अभी लॉकडाउन खोलने की बात हो रही है, बिना सोचे-समझे ऐसा किया तो नुकसान होगा। खोलना है तो लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए फैसला करना चाहिए।
राहुल गांधी ने राहत पैकेज कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुजारिश करूंगा कि वे इस पैकेज के बारे में दोबारा सोचें। उन्हें डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर पर सोचना चाहिए। मनरेगा के तहत 200 दिन का रोजगार दिया जाए। किसानों को पैसा सीधे ट्रांसफर किया जाए। उन्होंने कहा कि हमने सुना है कि रेटिंग्स की वजह से सरकार पैसा नहीं दे रही। कहा जा रहा है कि अगर वित्तीय घाटा बढ़ता है तो विदेशी एजेंसियां भारत की रेटिंग्स कम कर देंगी।
राहुल गांधी ने कहा कि किसी पर दोष मढ़ने का यह वक्त नहीं है। आज देश के सामने बड़ी समस्या है जिसका हमें हल निकालना है। मजदूरों की बात बहुत ही चुनौतीपूर्ण है। जो लोग सड़कों पर हैं उनकी मदद करना और उनकी सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। उनके जेब में सीधे पैसा भेजना होगा। इससे ज्यादा मुश्किल वक्त उनके जीवन में नहीं आएगा। हमें उन्हें यह एहसास कराना होगा कि हम उनके साथ हैं और उनका सम्मान कम नहीं होने देंगे।
राहुल ने कहा, जितनी मदद सरकार राज्यों को देगी, उतना ही फायदा होगा। केंद्र का काम मैनेटमेंट संभलना है। राज्यों का काम कोविड की लड़ाई लड़ने का है। राज्यों को पूरा समर्थन देना चाहिए। यह शिकायत आ रही है कि जिस तरह से केंद्र को राज्यों को पैसा देना चाहिए, वह नहीं हो रहा है।
