Sep 25 2026 / 6:36 AM

मजदूरों से किराया वसूली पर बोली सोनिया गांधी- रेलयात्रा का खर्चा उठाएगी कांग्रेस, रेलवे ने दी सफाई

नई दिल्ली। कोरोना महासंकट के चलते देश में चल रहे लॉकडाउन के कारण लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर अपने गृह नगर से दूर दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं। ऐसे में इन मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए सरकार की तरफ से स्पेशल श्रमिक ट्रेन चलाई जा रही हैं। इस बीच भारतीय रेलवे ने सफाई दी है।

ऐसे में खबर आई कि इस तरह की ट्रेन से यात्रा कर रहे लोगों से किराया भी वसूला जाएगा। जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। सोनिया गांधी ने ऐलान किया कि मजदूरों की रेलयात्रा का खर्चा कांग्रेस पार्टी उठाएगी।

सोनिया गांधी ने कहा है कि फंसे श्रमिक व कामगारों का मुद्दा उठाते हुए एक ट्वीट किया है, जिसमें कहा गया है कि, श्रमिक व कामगारों देश की रीढ़ की हड्डी हैं। उनकी मेहनत और कुर्बानी राष्ट्र निर्माण की नींव है। सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाऊन करने के कारण लाखों श्रमिक व कामगार घर वापस लौटने से वंचित हो गए।

1947 के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार यह दिल दहलाने वाला मंजर देखा कि हजारों श्रमिक व कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी के लिए मजबूर हो गए। न राशन, न पैसा, न दवाई, न साधन, पर केवल अपने परिवार के पास वापस गांव पहुंचने की लगन। उनकी व्यथा सोचकर ही हर मन कांपा और फिर उनके दृढ़ निश्चय और संकल्प को हर भारतीय ने सराहा भी। पर देश और सरकार का कर्तव्य क्या है?

इस ट्वीट में कहा गया है कि, आज भी लाखों श्रमिक व कामगार पूरे देश के अलग अलग कोनों से घर वापस जाना चाहते हैं, पर न साधन है, और न पैसा। दुख की बात यह है कि भारत सरकार व रेल मंत्रालय इन मेहनतकशों से मुश्किल की इस घड़ी में रेल यात्रा का किराया वसूल रहे हैं।

श्रमिक व कामगार राष्ट्रनिर्माण के दूत हैं। जब हम विदेशों में फंसे भारतीयों को अपना कर्तव्य समझकर हवाई जहाजों से निशुल्क वापस लेकर आ सकते हैं, जब हम गुजरात के केवल एक कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रु. ट्रांसपोर्ट व भोजन इत्यादि पर खर्च कर सकते हैं, जब रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री के कोरोना फंड में 151 करोड़ रु. दे सकता है, तो फिर तरक्की के इन ध्वजवाहकों को आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते? भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मेहनतकश श्रमिकों व कामगारों की इस निशुल्क रेलयात्रा की मांग को बार बार उठाया है। दुर्भाग्य से न सरकार ने एक सुनी और न ही रेल मंत्रालय ने।

देशभर में फंसे मजदूरों के घर वापस जाने के लिए पैसा वसूलने पर ऐलान करते हुए सोनिया गांधी ने कहा है, इसलिए, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी व इस बारे जरूरी कदम उठाएगी। मेहनतकशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के मानव सेवा के इस संकल्प में कांग्रेस का यह योगदान होगा।

रेलवे ने दी सफाई
भारतीय रेलवे के मुताबिक, वह प्रवासी मजदूरों को उनके राज्य पहुंचाने के लिए मजदूरों को टिकट नहीं बेच रहा, ना ही उनसे किराया वसूल कर रहा है। बल्कि, यह किराया राज्य सरकारों से वसूला जा रहा है। भारतीय रेलवे राज्य सरकारों से इन मजदूरों को उनके गृह नगर तक पहुंचाने के लिए कुल लागत का सिर्फ 15 प्रतिशत मानक किराया वसूल रहा है।

मंत्रालय ने कहा कि वह प्रवासियों को मुफ्त खाना और बोतलबंद पानी उपलब्ध करा रहा है। सूत्रों के अनुसार रेलवे ने कहा, हम श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहे हैं और सामाजिक दूरी को बनाए रखते हुए हर कोच में बर्थ को खाली रख रहे हैं। गंतव्य से ट्रेनें खाली वापस आ रही हैं। रेलवे प्रवासियों को मुफ्त खाना और बोतलबंद पानी मुहैया करवा रहा है।

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