मध्यप्रदेश सियासी संकट: सुप्रीम कोर्ट ने कल शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने का दिया आदेश
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट की मांग वाली बीजेपी नेताओं की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश विधानसभा के स्पीकर एनपी प्रजापति को फ्लोर टेस्ट के लिए कल विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया शाम 5 बजे तक पूरी करने को कहा है।
आदेश में कहा गया है कि फ्लोर टेस्ट में हाथ उठा कर मतदान किया जाएगा और इसकी वीडियोग्राफी होगी। आदेश में कहा गया है कि लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखा जाए, और शाम 5 बजे तक प्रक्रिया पूरी हो। इस आदेश के बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मंडराते दिख रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, बेंगलुरू में बैठे बागी कांग्रेस विधायक सदन की कार्रवाई में हिस्सा लेने के लिए बाध्य नहीं हैं। दरअसल, 10 मार्च को कांग्रेस के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इस इस्तीफे के एक दिन बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए। जिसके बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार संकट में आ गई।
सिंधिया खेमे के 22 विधायकों ने भी पद छोड़ने का एलान किया, जिसमें छह मंत्री भी शामिल थे। ये सभी नेता अभी बेंगलुरु में मौजूद हैं। सत्तारूढ़ कांग्रेस का दावा है कि बीजेपी के नेताओं के दबाव में इन विधायकों को रिसॉर्ट में रखा गया है, इन्हें मुक्त किया जाए और फिर फ्लोर टेस्ट हो।
इसी को लेकर पिछले दिनों बीजेपी के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने आज और कल दो दिनों तक लंबी सुनवाई के बाद फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया है। संख्याबल को देखें तो कमलनाथ सरकार संकट में दिख रही है।
