विशाखापट्टनम प्लांट हादसा: 11 लोगों की मौत, सीएम रेड्डी ने किया एक करोड़ के मुआवजे का ऐलान
विशाखापट्टनम। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित एक प्लांट में अचानक स्टाइरीन गैस लीक होने से बड़ा हादसा हो गया। एनडीआरएफ ने विशाखापट्टनम गैस रिसाव के चलते अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है। मरने वालों में 8 साल की बच्ची भी शामिल है। इसके अलावा 5000 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं जिन्हें अस्पताल ले जाया गया है। बता दें कि आरआर वेंकटपुरम में स्थित विशाखा एलजी पॉलिमर कंपनी से खतरनाक जहरीली गैस का रिसाव हुआ है।
एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान के मुताबिक, हमें घटना की सूचना सुबह 5.30 बजे मिली। आधे घंटे में टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। आसपास के गांव से करीब 250 परिवारों को निकाला गया। साथ ही डोर टू डोर सर्च ऑपरेशन भी किया गया है। कंपनी के कंपाउंड से 500 लोगों को निकाला गया। इसमें कुछ लोगों की हालत गंभीर है। एनडीआरएफ की एक्पर्ट टीम पुणे से विशाखापट्टनम आ रही है।
मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुयये के मुआवजे का एलान
इस जहरीली गैस से मरने वाले लोगों के लिए आंध्र प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी सरकार मुआवजे का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेड्डी ने हादसे के कारण जान गंवाने पर लोगों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही पीड़ितों को 10-10 लाख रुपये और डिस्चार्ज किए जा चुके लोगों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी। वहीं पूरे मामले की 5 सदस्यीय कमेटी जांच करेगी।
हादसे की खबर पाकर मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी खुद विशाखापट्टनम पहुंचे और वहां हालात का जायजा लिया। पीएम मोदी ने भी इस हादसे को लेकर जगन मोहन रेड्डी को फोन कर मामले की जानकारी ली। हालांकि घंटों मेहनत के बाद रिसाव पर काबू पा लिया गया है। गंभीर हालात में अधिकतर बच्चे और बुजुर्ग हैं।
कंपनी पर होगी आपराधिक कार्रवाई
आंध्र प्रदेश के मंत्री एमजी रेड्डी ने बताया कि फैक्टरी में गैस रिसाव की सूचना के बाद लॉकडाउन की प्रक्रिया तुरंत शुरू की गई। स्थानीय प्रशासन को तुरंत सूचित किया गया। गैस को तुरंत हानिरहित तरल रूप में बेअसर किया गया। लेकिन थोड़ी गैस, फैक्टरी परिसर से बाहर निकलकर आस-पास के इलाकों में पहुंच गई, जिससे लोग प्रभावित हो गए। उन्होंने बताया कि कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
मानवाधिकार आयोग ने आंध्र सरकार को भेजा नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस गैस लीक की वजह से लोगों की मौत और तबीयत बिगड़ने पर आंध्र प्रदेश सरकार और केंद्र को नोटिस जारी किया है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से इलाज और बचाव कार्य की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही आंध्र के पुलिस महानिदेशक को भी एक नोटिस जारी किया है। इसमें उनसे चार सप्ताह के इस बात की जानकारी देने को कहा गया है कि इस मामले में कितनी एफआईआर दर्ज हुईं और जांच की स्थिति क्या है।
