Oct 28 2026 / 7:57 AM

अम्फान: ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तैनात की गई एनडीआरएफ की 41 टीमे

नई दिल्ली। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ) के प्रमुख एसएन प्रधान ने कहा कि एनडीआरएफ की कुल 41 टीमों को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तैनात किया गया है। ये टीम जागरूकता फैलाने और जानकारियां पहुंचाने के साथ लोगों को बाहर निकालने का काम कर रही हैं। बंगाल में दो टीम बैकअप में हैं। उन्होंने कहा कि हम इस समय दोहरी चुनौती का सामना कर रहे हैं।

एनडीआरआफ चीफ ने कहा कि हमने फोनी से सीख ली है और ऐसा पहली बार ऐसा हुआ है जब हम दोहरी आपदा से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम लोगों को कोरोना वायरस के साथ-साथ इस भयंकर आपदा से भी जूझना पड़ रहा है। हम लोग जितने भी राहत बचाव कर रहे हैं उन सभी में कोविड-19 की सुरक्षा पर ध्यान दे रहे हैं।

प्रधान ने कहा, हम दोहरा चैलेंज हम फेज कर रहे हैं। हमारी 41 टीमें तैनात हैं जिसमें से सात टीमें रिजर्व रखी गई हैं। ये टीमें छह जिलों में तैनात की गई हैं। जहां भी ये तूफान ज्यादा तबाही मचा सकता है , उन जगहों पर टीमें लगाई गई हैं।

एस एन प्रधान ने बताया, इसके अलावा अगर ये तूफान ज्यादा खतरनाक स्थिति में पहुंचता है तो उसके लिए भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। एनडीआरएफ की कई टीमें स्टैंडबाई पर रखी गई हैं। ये टीमें बनारस, पुणे, चेन्नई और पटना में हैं। ये टीमें वहीं हैं जहां पर कि हवाई अड्डे हैं या फिर एयरफोर्स के स्टेशन हैं। अगर जरूरत पड़ेगी तो तुरंत एयरफोर्स के विमान से टीमों को प्रभावित जगहों पर लाया जाएगा।

मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने बताया है कि अम्फान साइक्लोन साल 1999 के बाद बंगाल की खाड़ी में आया दूसरा सुपर साइक्लोन है। इसकी हवा की रफ्तार 200 से 240 किलोमीटर प्रतिघंटा है और यह उत्तर और उत्तर पश्चिम दिशा की ओर से बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि जहां तक पश्चिम बंगाल की बात है, यहां पर उत्तर और दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर जिले साइक्लोन के असर से प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा कोलकाता, हुगली, हावड़ा और वेस्ट मिदनापुर के इलाकों में हवा की रफ्तार काफी तेज हो सकती है।

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