निर्भया गैंगरेप केस: राष्ट्रपति ने खारिज की दोषी अक्षय ठाकुर की दया याचिका
नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप के तीसरे दोषी अक्षय ठाकुर ने शनिवार को राष्ट्रपति के पास अपनी दया याचिका दाखिल की थी। जिसे बुधवार को राष्ट्रपति ने खारिज कर दिया है। इससे पहले दोषी मुकेश की भी दया याचिका को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद खारिज कर चुके हैं। वहीं इस मामले में दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका भी राष्ट्रपति ने 17 जनवरी को खारिज कर दी थी। मुकेश ने इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति के फैसले को चुनौती दी थी, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
दिल्ली गैंगरेप के चारों दोषी मुकेश सिंह, पवन कुमार गुप्ता, अक्षय ठाकुर और विनय शर्मा को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने साल 2013 में मौत की सजा सुनाई थी। अक्षय से पहले मुकेश सिंह औ विनय की तरफ से अलग-अलग दया याचिकाएं राष्ट्रपति को भेजी गई थीं। लेकिन चार दिनों के अंदर ही इन्हें खारिज कर दिया गया था। अभी तक इन दया याचिकाओं की वजह से दोषियों की फांसी अटकी हुई है। इनकी वजह से ही दिल्ली के कोर्ट को दो बाद डेथ वॉरंट को फ्रीज करना पड़ा गया था। पहले दोषियों को 22 जनवरी को फांसी होनी थी और फिर फांसी की तारीख एक फरवरी तय की गई थी।
