Oct 28 2026 / 2:26 PM

शाहीन बाग: चौथे दिन भी प्रदर्शनकारियों से बातचीत बेनतीजा

नई दिल्ली। दो महीने से अधिक समय से शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में चल रहे प्रदर्शन से सड़क बंद की समस्या को खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को वार्ताकार नियुक्त किया गया है। लेकिन इन वार्ताकारों की बातचीत से कोई हल निकलता नहीं दिखाई दे रहा हैं।

प्रदर्शनकारियों ने वार्ताकार के समक्ष सात मांगे रखते हुए कहा कि जब तक सीएए वापस नहीं लिया जाता, तब तक रास्ते को खाली नहीं किया जाएगा। सुबह 10.30 बजे यहां पहुंची साधना रामचंद्रन ने कहा, यदि मार्ग नहीं खुला तो हम आपकी मदद नहीं कर पाएंगे। हम प्रदर्शन खत्म करने को नहीं कह रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं यहां सरकार की ओर से नहीं आई हूं। हम सुप्रीम कोर्ट से कहेंगे की आपको सुरक्षा दी जाए। आपको एक पार्क दे दिया जाएगा, जहां पर आप प्रदर्शन को जारी रख सकते हैं।

हालांकि, वार्ताकार की इस बात का सभी प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में खंडन कर दिया और उनके समक्ष सात मांगे रखीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा, हमारी मांग है कि यदि आधी सड़क खुलती है तो सुरक्षा और एल्युमिनियम शीट चाहिए। साथ ही शाहीनबाग के लोगों और जामिया के विद्यार्थियों पर दर्ज किए गए मुकदमें वापस लिए जाने चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने आगे की मांग रखते हुए कहा, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लागू नहीं किया जाए। केंद्रीय मंत्रियों के विवादित बयानों पर कार्रवाई होनी चाहिए। आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा राशि दी जानी चाहिए व प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों के इलाज का खर्च सरकार वहन करे। हमें दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं है, सुप्रीम कोर्ट हमारी सुरक्षा को लेकर आश्वासन दे।

वार्ताकार साधना ने प्रदर्शन स्थल से निकलते समय पत्रकारों से कहा, यहां आने को लेकर मैं वकील संजय हेगड़े से बात करुंगी। जाहिर है 70 दिनों से सीएए और एनआरसी को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है और जिसकी वजह से जिस रास्ते पर प्रदर्शन हो रहा है उससे आस पास के लोगों को दिक्कत हो रही है।

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