निर्भया केस: राष्ट्रपति ने दोषी पवन की दया याचिका खारिज की
नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले के दोषी पवन की दया याचिका बुधवार को खारिज कर दी। उसके पास फांसी की सजा से बचने का यह आखिरी कानूनी विकल्प था। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के तुरंत बाद पवन ने राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी थी। इसी आधार पर ट्रायल कोर्ट ने दोषियों की फांसी तीसरी बार टाल दी थी।
दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल कर फांसी को उम्रकैद में बदलने की गुहार लगाई थी। इसे खारिज करते हुए जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने कहा था कि सजा पर पुनर्विचार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। इससे पहले राष्ट्रपति निर्भया मामले में तीन अन्य दोषियों अक्षय, विनय और मुकेश की दया याचिका पहले ही खारिज कर चुके हैं।
बता दें कि बीते सोमवार को अदालत ने पवन गुप्ता की दया याचिका लंबित होने के चलते तीसरी बार निर्भया के गुनहगारों की फांसी टाल दी थी। उस वक्त फांसी उनके मौत के बीच करीब 12 घंटे बचे थे। दोषियों को 3 मार्च सुबह छह बजे फांसी होनी थी लेकिन पवन की दया याचिका लंबित होने के चलते अदालत ने फांसी टाल दी।
