Oct 28 2026 / 7:14 PM

कोरोना टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का सरकार को निर्देश- प्राइवेट लैब में हो मुफ्त जांच

नई दिल्ली। कोरोना टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कहा कि प्राइवेट लैब में जांच फ्री में होनी चाहिए। बुधवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को एक प्रक्रिया बनानी चाहिए, जिससे जो लोग प्राइवेट लैब में अपना टेस्ट कराएं, उनका पैसा रिइम्बर्स किया जा सके। कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ कोरोना से लड़ाई में योद्धा हैं।

प्राइवेट लैब में कोरोनावायरस के संक्रमण की जांच के एवज में 4500 रुपये लेने के खिलाफ याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट लैब को कोरोना जांच के लिए पैसे लेने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। हम इस मसले पर आदेश पारित करेंगे।

दरअसल याचिकाकर्ता का कहना था कि लॉकडाउन के दौरान लोगों के सामने आर्थिक संकट है, लिहाजा लोग कोरोना वायरस की महंगी जांच से बचेंगे। इससे बीमारी फैल सकती है और सरकार को सबकी जांच मुफ्त में करवानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए इस याचिका पर सुनवाई की जा रही थी और सॉलिसिटर जनरल से कोर्ट ने कहा है कि जल्द ही अदालत इस बारे में आदेश पारित करेगी।

हालांकि कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि प्राइवेट लैब कोरोना टेस्ट के पैसे मरीज की बजाय सरकार से ले सकें, ऐसी व्यवस्था बनाई जा सकती है। लिहाजा माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत सरकार को ये आदेश दे सकती है कि वो प्राइवेट लैब्स में की जा रही कोरोनावायरस की जांच के लिए आने वाले खर्च को वहन करे। इसके लिए लोगों पर बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।

Share With

मध्यप्रदेश