Oct 29 2026 / 5:04 AM

पलायन की आखिरी तारीख तय होनी चाहिए: बिहार सरकार

पटना। कोरोना वायरस से देश भर के लोगों में दहशत का माहौल है। 21 दिनों तक देशव्यापी लॉकडाउन की ये घोषणा होने के बाद सड़क और रेल यातायाद बंद हो गए है। ऐसे में प्रवासी श्रमिकों का पलायन शुरू हो गया है। हालात यह है कि सड़कों और हाइवे पर लोग पैदल चल रहे है। भूख और प्यास से व्याकुल लोगों का सिर्फ एक ही मकसद है कि वो किसी तरह से घर पहुंच जाए।

पलायन कर रहें बिहार के लोगों ने सरकार के लिए अलग मुसीबत खड़ी कर दी है। खासकर बॉर्डर के इलाकों के राहत कैंप में लग रही भीड़ को लेकर बिहार सरकार काफी परेशान है। इसको लेकर सरकार ने अहम बैठक की, जिसमें बाहर से आ रहे लोगों की जांच और भीड़ को नियंत्रित करने जैसे तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार के मुताबिक पलायन के लिए एक अंतिम तारीख तय होनी चाहिए।

बिहार सरकार के मुताबिक, पलायन के लिए एक अंतिम तारीख तय होनी चाहिए, क्योंकि दिल्ली से यूपी के रास्ते बहुत सारी बसें निकल चुकी हैं और कुछ बिहार में आ भी चुकी हैं। अंतिम तारीख तय न होने पर बिहार सरकार को हालात संभालने में मुश्किल आ सकती है।

जाहिर है कि सरकार इशारों-इशारों में पीएम मोदी के लॉकडाउन को सख्ती से अमल करवाने की बात कह रही है चाहे मामला यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार की तरफ से दिल्ली से पलायन के दौरान प्रवासी बिहारियों को बसें उपलब्ध कराने का ही क्यों न हो?

गृह विभाग के अपर सचिव आमिर सुबहानी ने बैठक के बाद इस बात को साफ कर दिया है कि दूसरे राज्यों से बिहार की तरफ पलायन की आखिरी तारीख तय होनी चाहिए जिससे बिहार सरकार को इंतजाम करने में आसानी हो और कोरोना ज्यादा न फैले। मीटिंग खत्म होने के बाद गृह विभाग के अपर सचिव आमिर सुबहानी ने बैठक की जानकारी से पहले मीडियाकर्मियों को नसीहत दी कि एक दूसरे से दूरी बनाकर उनसे बात करें ताकि सोशल डिस्टेंसिंग कायम रहे।

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