11 हजार कैदियों को रिहा करेगी योगी सरकार
लखनऊ। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए योगी सरकार ने ऐहतियातन उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद 11 हजार कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया है। यह फैसला कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर लिया गया है। कोर्ट ने 23 मार्च को राज्य सरकारों को प्रदेश की जेलों में भीड़भाड़ कम करने के लिए अंतरिम जमानत या पैरोल जैसे उपायों को आजमाने का सुझाव दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते उत्तर प्रदेश सरकार ने एक कमिटी का गठन किया था। कमिटी के सुझाव पर प्रदेश की जेलों में बंद 11 हजार कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया गया है। इनमें 8,500 विचाराधीन कैदी और 2,500 ऐसे कैदी शामिल हैं जिन पर दोष साबित हो चुका है।
शनिवार से प्रदेश की 71 जेलों में बंद ऐसे 11 हजार कैदियों को रिहा करने की कार्यवाही शुरू भी कर दी गई है जिन पर 7 साल या उससे कम की सजा के मामले चल रहे हैं या ऐसे मामलों में उन्हें सजा हो चुकी है। इन कैदियों को 8 हफ्ते के लिए निजी मुचलके पर अंतरिम जमानत/पैरोल दी गई है।
