देश में कोरोना संक्रमित की संख्या 11,933 तक पहुंची, अब तक 392 की मौत
नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश के जिलों को हॉटस्पॉट जिले, नॉन-हॉटस्पॉट जिले और ग्रीन जोन जिलों में बांटा गया है। हॉटस्पॉट जिले वो हैं जहां कोरोना के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं या इन मामलों की बढ़ने की गति तेज है। 170 जिलों को हॉटस्पॉट घोषित किया जाएगा, वहीं नॉन-हॉटस्पॉट जिले 207 हैं।
लव अग्रवाल ने कहा कि कैबिनेट सचिव ने आज राज्यों के मुख्य सचिव, डीजीपी, स्वास्थ्य सचिव, डीएम, एसपी, नगर निगम कमिश्नर आदि के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की गई। इसमें हॉटस्पॉट पर बातचीत हुई और जमीनी स्तर पर रोकथाम की रणनीति को लेकर चर्चा की गई।
जिलों को कहा गया है कि वो कोविड डेडिकेटिड अस्पताल, माइल्ड केस के लिए कोविड केयर सेंटर और गंभीर मामलों के लिए कोविड हेल्थ सेंटर, नाजुक मामलों के लिए कोविड अस्पताल बनाएं ,जहां पर वेंटिलेटर भी मौजूद हो।
लव अग्रवाल ने बताया कि सभी जिलों को यह कहा गया है कि वो जिला स्तर पर कोरोना वायरस के लिए एक संकट प्रबंधन प्लान बनाएं। क्योंकि एक की असफलता पूरे देश की असफलता की वजह हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि रोकथाम प्लान पूरे देश में हर जिले में समान रूप से लागू किया जाए।
लव अग्रवाल के मुताबिक देश में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या बढ़कर 11,933 हो गई है। इसमें 10197 सक्रिय मामले हैं। अभी तक 1344 रोगी ठीक हो गए और उनको अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। अब तक इस वायरस से 392 लोगों की मौत हुई है।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि कि जो क्षेत्र संक्रमण के हॉटस्पॉट नहीं होंगे, उनमें 20 अप्रैल से कुछ छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने आज आदेश जारी कर बताया कि लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों का कड़ा अनुपालन करना होगा। जिन गतिविधियों में राहत प्रदान की जाएंगी, उनमें शारीरिक दूरी के नजरिए से कुछ शुरुआती काम करना बेहद जरूरी है।
