लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष गिरफ्तार
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने रविवार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति (डीपीसीसी) अध्यक्ष अनिल चौधरी के खिलाफ लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज किया और उन्हें पूर्वी दिल्ली स्थित आवास से गिरफ्तार किया। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक अनिल चौधरी पर लॉकडाउन का उल्लंघन करने का आरोप है। ईस्ट दिल्ली के डीसीपी जसमीत सिंह का कहना है कि कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ता गाजीपुर बॉर्डर पर मजदूरों को भड़का रहे थे और लॉकडाउन तोड़ने के लिए उकसा रहे थे। इस बात का दिल्ली पुलिस के पास पुख्ता सबूत है। इसलिए दिल्ली पुलिस उन पर कार्रवाई करेगी। दिल्ली पुलिस ने अनिल चौधरी पर धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक चेतावनी दिए जाने के बावजूद चौधरी ने प्रवासी कामगारों को आनंद विहार और गाजीपुर सीमा पर पहुंचने की सुविधा देने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस की टीम रविवार को पूर्वी दिल्ली स्थित चौधरी के घर भी गई थी और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने का निर्देश दिया था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, प्रवासी मजूदरों की आवाजाही के लिए एक व्यवस्था है। चौधरी ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कामगारों को भ्रमित कर उत्तरप्रदेश सीमा पर लाकर अनावश्यक रूप से अफरातफरी का माहौल पैदा किया। इससे इलाके में कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो गई।
उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरों को समझा-बुझाकर आश्रय गृह लेकर जाया गया। वहीं जिनका घर नजदीक था उन्हें दिल्ली परिवहन निगम की बसों से छोड़ा गया। चौधरी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस बदले की कार्रवाई कर रही और उसका मकसद उन्हें गरीबों की मदद करने से रोकना है।
चौधरी ने कहा, क्या लॉकडाउन के नियमों का अनुपालन करते हुए गरीब मजदूरों की सेवा करना अपराध है? अगर मानवता की सेवा करना अपराध है तो मैं इसके लिए जेल जाने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नेता राहुल गांधी के निर्देशों का अनुपालन करते हुए गरीब और जरूरतमंदों को खाना और अन्य मदद पहुंचाना जारी रखेंगे।
