प्रवासी श्रमिकों को दी जा रही हर संभव मदद
छत्तीसगढ़ के धनवार, ककना, चेकपोस्ट में पहुंचते ही श्रमिकों को मिली चरण पादुकाएं
रायपुर। कोरोना संकट के कारण प्रवासी मजदूर अपने राज्यों को वापस लगातार लौटना जारी है। मजदूरों को लम्बी दूरी की यात्राओं के दौरान कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रवासी मजदूरों के हितों के ध्यान में रखते हुए सीमाओं के चेक पोस्ट सहित आवागमन के लिए चिन्हित रास्तों में श्रमिकों की सहायता के लिए उचित प्रबंध किये गये हैं।
बलरामपुर-रामानुजगंज की सीमा झारखण्ड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश से लगती है, श्रमिक बड़ी संख्या में इन रास्तों से होकर गुजर रहें हैं। जिला प्रशासन द्वारा शुरू से ही श्रमिकों की हर संभव सहायता की जा रही है तथा उन्हें भोजन, पानी, चरण पादुका का वितरण एवं स्वास्थ्य संबंधी निःशुल्क व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई जा रही है।\

जिला प्रशासन द्वारा श्रमिकों की सहायता के लिए उचित व्यवस्था किया जा रहा है। सभी चेकपोस्टों में श्रमिकों के लिए भोजन, पानी तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ही चरण पादुका वितरित किये जा रहे हैं। गर्मी के मौसम में पांव में चप्पल न होना किसी अभिशाप से कम नहीं है। ऐसे मुश्किल समय में प्रशासन द्वारा की जा रही सहायता से उनकी दिक्कते कम हो रही हैं।
वाड्रफनगर के धनवार स्थित चेकपोस्ट पर पहुंचे, प्रवासी श्रमिकों को जब चप्पल वितरित किया गया तो श्रमिकों ने भी हाथ जोड़कर शासन-प्रशासन के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार ककना स्थित चेकपोस्ट पर प्रशासन के सहयोग से स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा चिलचिलाती गर्मी को देखते हुए बचाव हेतु गमछा का वितरण किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कोरोना वायरस तथा गर्मी से बचाव की जानकारी श्रमिकों को दी जा रही है। शरीर में पानी की कमी न हो इसका विशेष ध्यान रखने को कहा जा रहा है।
