मजदूरों से नहीं लेंगे किराया, 1-1 हजार रुपये भी देंगे: नीतीश कुमार
पटना। लॉकडाउन की वजह से दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की घर वापसी के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। लोगों की घर वापसी के लिए स्पेशल ट्रेन चलाए जाने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया है।
साथ ही प्रवासी मजदूरों के रेल किराये पर बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि किसी भी मजदूर को पैसा देने की जरूरत नहीं है। सभी मजदूरों को क्वारनटीन सेंटर में रखा जाएगा और इसके बाद उन्हें एक-एक हजार रुपये दिए जाएंगे।
सीएम नीतीश कुमार ने कहा, मैं बिहार के लोगों को वापस भेजने के सुझाव पर विचार करने के लिए केंद्र को धन्यवाद देना चाहता हूं। अन्य राज्यों में फंसे बिहार के लोगों को वापस बिहार भेजने के लिए केंद्र को शुक्रिया। किसी को भी टिकट के लिए भुगतान नहीं करना पड़ेगा। उनके लिए यहां क्वारनटीन सेंटर बनाया गया है।
सीएम नीतीश कुमार ने कहा, बाहर से आए सभी प्रवासी 21 दिनों तक क्वारनटीन सेंटर में रहेंगे। इसके बाद उन्हें एक-एक हजार रुपये की न्यूनतम राशि बिहार सरकार की ओर से दी जाएगी। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने 19 लाख लोगों को पहले ही एक-एक हजार रुपये दिए थे।
इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि हम शुरुआती तौर पर बिहार सरकार को अपनी तरफ़ से 50 ट्रेन देने को तैयार है। सरकार आगामी 5 दिनों में ट्रेनों का बंदोबस्त करें, पार्टी इसका किराया तुरंत सरकार के खाते में ट्रांसफर करेगी। फ
तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में लिखा था, 15 साल वाली डबल इंजन सरकार बिहारी मजदूरों को वापस नहीं लाने के बहाने खोजकर टाल-मटोल कर रही है। 5 दिनों में 3 ट्रेनों से लगभग 3500 लोग ही वापस आ पा रहे है। कभी किराया, कभी संसाधनों तो कभी नियमों का रोना रोते है। नीतीश सरकार की मंशा मजदूरों को वापस लाने की कतई नहीं है।
