वैक्सीन मिलने तक हमें वायरस के साथ ही जीना होगा: जावड़ेकर
नई दिल्ली। लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के बीच सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि सबसे बुरा दौर गुजर चुका है, लेकिन कोरोना वायरस की वैक्सीन आने तक हमें वायरस के साथ ही जीना होगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत ने अन्य देशों की तुलना में बेहतर तरीके से काम किया है।
अपने बयान में आगे प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मुझे लगता है कि सबसे बुरा समय खत्म हो गया है। लेकिन जब तक बीमारी पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाती, तब तक हमें सभी सावधानियों और दिशानिर्देशों का पालन करते रहना चाहिए।
कोविड-19 से निपटने में अब तक हमने अन्य देशों की तुलना में बहुत बेहतर काम किया है। विभन्नि जोन को अच्छी तरह से परिभाषित किया गया है। अब जब तक इस महामारी से लड़के के लिए वैक्सीन ईजाद नहीं हो जाती है, तब तक हमें शारीरिक दूरी का ध्यान रखना चाहिए। हमें ‘दो गज की दूरी’ के नियम का पालन करते रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, चीन से ये संक्रमण आया, लेकिन अभी इसका कोई वैक्सीन नहीं मिला। जब तक वैक्सीन नहीं मिलता, तब तक हमें एक तरह से कोविड-19 के साथ ही जीना होगा। मास्क लगाना, बार-बार हाथ धोना, 2 गज की दूरी रखना, ये ‘न्यू नॉर्मल’ है। समाज ने 40 दिन में ये बहुत अच्छे से सीख लिया है।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल सरकार पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यहां (पश्चिम बंगाल) कुछ लोगों ने भारत और बंगाल के बीच युद्ध करना चुना है। हमें युद्ध में कोई रुचि नहीं है, हमें बहस में रुचि नहीं। हमें परेशानी को हल करने में रुचि है। हम हर राज्य की मदद करना चाहते हैं।
