बैसाखी पर्व को सिख समुदाय नए साल के रूप में मनाते हैं। वर्ष 2020 में 13 अप्रैल, सोमवार को बैसाखी का पर्व मनाया जा रहा है। बैसाखी बैसाख (वैशाख) माह से बना है। बैसाखी मुख्यत: कृषि पर्व है जिसे
देश भर में आज 08 अप्रैल दिन बुधवार को संकटमोचक हनुमान जी की जयंती मनाई जा रही है। आज के दिन पवनपुत्र हनुमान जी की विधि विधान से पूजा-अर्चना की जाती है, जिससे प्रसन्न होकर हनुमान जी अपने
प्रभु श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास हुआ। इस वनवास काल में श्रीराम ने कई ऋषि-मुनियों से शिक्षा और विद्या ग्रहण की, तपस्या की और भारत के आदिवासी, वनवासी और तमाम तरह के भारतीय समाज को संगठित
पृथ्वी के जाग्रत देव भगवान श्री हनुमानजी का जन्मोत्सव 8 अप्रैल को मनाया जाएगा। हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आने वाले व्रत को कामदा एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि कामदा एकादशी के व्रत को करने से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और पुण्य फल की प्राप्त
चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन को महाष्टमी कहा जाता है। इस दिन महागौरी की पूजा की जाती है। महागौरी मां दुर्गा का आठंवा रूप हैं। महागौरी की चार भुजाएं हैं। इनका वाहन वृषभ है। इनके ऊपर के
आज नवरात्र का सातवां दिन है। इस दिन का पूजा में विशेष महत्व हैं नवरात्रि की सप्तमी तिथि को माता का कालरात्रि रूप का पूजन किया जाता है। इनका रूप अन्य रूपों से अत्यंत भयानक है, मार्कंडे
आज चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है। इन नौ दिनों की पूजा अर्चना में आज तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की जाती है। माता चंद्रघंटा की पूजा करने से मन के साथ घर में भी शांति आती है
आज नवरात्रि का दूसरा दिन है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा-आराधना की जाती है। नवरात्रि के 9 दिनों का बहुत अधिक महत्व होता है। इन दिनों पूजा-अर्चना का
25 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में शक्ति के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान भक्त आदि शक्ति की आराधना कर उनको प्रसन्न करने का जतन करते